यूपी के किसान को 14.66 करोड़ रुपये से अधिक का मिला कर नोटिस, DM ने दिए जांच के निर्देश

Edited By Pooja Gill,Updated: 04 Apr, 2026 04:34 PM

up farmer receives notice totalling over rs 14 66 crore

बदायूं: बदायूं जिले में 12 बीघे जमीन का मालिक एक किसान उस समय हैरान रह गया, जब उसे आयकर और जीएसटी (माल एवं सेवाकर) विभाग से कुल 14.66 करोड़ रुपये से अधिक का...

बदायूं: बदायूं जिले में 12 बीघे जमीन का मालिक एक किसान उस समय हैरान रह गया, जब उसे आयकर और जीएसटी (माल एवं सेवाकर) विभाग से कुल 14.66 करोड़ रुपये से अधिक का कर नोटिस मिला। बदायूं के जिलाधिकारी अवनीश राय ने शनिवार को कहा, ''किसान द्वारा औपचारिक आवेदन दिए जाने के बाद मामले की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त) और उपायुक्त (जीएसटी) सहित दो सदस्यीय टीम का गठन किया गया।'' 

1.02 करोड़ रुपये जमा करने का दिया निर्देश
किसान भोला सिंह ने बताया, ''विभागीय अधिकारियों से इस मामले की पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि दिल्ली के नारायणा औद्योगिक क्षेत्र (चरण-1) में उनके नाम से ''राम स्टोर'' नामक एक फर्म संचालित की जा रही है, जिस पर 1.02 करोड़ रुपये का आयकर बकाया है।'' उन्होंने बताया कि इस बीच जीएसटी कार्यालय ने सिंह को 13.63 करोड़ रुपये की वस्तु एवं सेवा कर देनदारी का हवाला देते हुए एक नोटिस भी जारी किया है। वजीरगंज थाना क्षेत्र के खुर्रमपुर भमौरी निवासी सिंह ने बताया कि 29 मार्च को उन्हें बदायूं स्थित आयकर विभाग से एक नोटिस मिला, जिसमें उन्हें 1.02 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि वे कभी दिल्ली नहीं गए और न ही उन्होंने कभी कोई फर्म या व्यावसायिक उद्यम स्थापित किया था। सिंह ने बताया कि इसके बाद उन्होंने बदायूं के जिलाधिकारी के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। 

DM ने दिए जांच के निर्देश 
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को जांच करने और समस्या का समाधान करने के निर्देश जारी किए। अपनी प्रारंभिक जांच के दौरान जीएसटी अधिकारियों ने पाया कि जिस फर्म के खिलाफ ये कर बकाया हैं उसने किसान के आधार और पैन नंबरों का इस्तेमाल किया था। अधिकारियों ने बताया कि इससे स्पष्ट है कि एक अज्ञात व्यक्ति ने किसान के दस्तावेजों का दुरुपयोग करके एक फर्जी फर्म की स्थापना की और करोड़ों रुपये के लेनदेन किए। किसान ने बताया कि अधिकारियों ने उन्हें साइबर अपराध थाना या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। पीड़ित किसान ने दावा किया कि जब वजीरगंज थाने और साइबर पुलिस थाने से संपर्क किया तो उसकी शिकायत वहां दर्ज नहीं की गई जिससे उसकी मुश्किलें और बढ़ गईं। 

DM ने क्या कहा? 
इस बीच, बदायूं के जिलाधिकारी (डीएम) अवनीश राय ने कहा कि एक किसान को आयकर और जीएसटी विभाग से एक नोटिस मिला है जिसमें उन्हें कर का भुगतान करने की सूचना दी गई है। डीएम ने कहा, ''किसान ने एक औपचारिक लिखित आवेदन जमा करके अधिकारियों को नोटिस से अवगत कराया है। मामले की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त) और उपायुक्त (जीएसटी) सहित दो सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।'' उन्होंने कहा कि मामला धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ा प्रतीत होता है। टीम मामले की गहन जांच करेगी और दोषी पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। किसान ने यह भी कहा कि अगर वह अपनी सारी जमीन और संपत्ति बेच भी दे तो भी वह इतनी बड़ी रकम चुकाने में असमर्थ होगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। 

अपर आयुक्त जीएसटी एवं एडीएम वित्त एवं राजस्व को सौंप दी जांच   
बदायूं के जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया है कि इस मामले में किसान भोला सिंह द्वारा प्रार्थना पत्र देने पर उन्होंने इस मामले की जांच अपर आयुक्त जीएसटी एवं एडीएम वित्त एवं राजस्व को सौंप दी है। उन्होंने बताया कि तीन से चार दिन के अंदर जांच रिपोर्ट उनको प्राप्त हो जाएगी उसके बाद धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति अथवा फर्म पर कार्रवाई कर उससे बकाया आयकर एवं जीएसटी शुल्क की वसूली की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में किसान भोला सिंह का पैन कार्ड इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की गई है जांच के दौरान सब कुछ सामने आ जाएगा और उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। 
 

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