Edited By Pooja Gill,Updated: 31 Mar, 2026 05:13 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने औद्योगिक विकास के क्षेत्र में बीते नौ वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है। अप्रैल 2017 से अब तक प्रदेश में 17,841 नए कारखानों का पंजीकरण...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने औद्योगिक विकास के क्षेत्र में बीते नौ वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है। अप्रैल 2017 से अब तक प्रदेश में 17,841 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है, जो स्वतंत्रता के बाद 70 वर्षों (1947 से मार्च 2017) में पंजीकृत 14,178 कारखानों से भी अधिक है। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इस तरह प्रदेश में कुल पंजीकृत कारखानों की संख्या बढ़कर 32,019 हो गई है।
मजबूत कानून-व्यवस्था ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया
सरकार की ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' नीतियों, पारदर्शी प्रक्रियाओं और मजबूत कानून-व्यवस्था ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। सिंगल विंडो सिस्टम, ऑनलाइन क्लीयरेंस, भूमि बैंक और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाओं के चलते देश-विदेश के निवेशकों ने यूपी की ओर रुख किया है। यही वजह है कि सितंबर 2023 से अब तक 10,194 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 4,746 इकाइयां जुड़ी हैं। नए पंजीकृत कारखानों में वर्तमान में 16,53,179 लोग कार्यरत हैं। इनमें 15,29,907 पुरुष और 1,23,272 महिलाएं शामिल हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी प्रदेश में सामाजिक-आर्थिक बदलाव का संकेत मानी जा रही है।
सभी क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा दिया
आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 10,895 कारखाने पंजीकृत हुए हैं। इसके अलावा मध्य यूपी में 3,526, पूर्वी यूपी में 3,205 और बुंदेलखंड में 215 कारखाने स्थापित किए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि सरकार ने क्षेत्रीय असंतुलन को कम करते हुए सभी क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा दिया है। प्रदेश में 14,412 कारखाने ऐसे हैं जहां 100 तक श्रमिक कार्यरत हैं, जबकि 3,213 कारखानों में 101 से 1000 श्रमिक काम करते हैं। वहीं 118 बड़े कारखानों में 1000 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं।
रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिल रही
यह दर्शाता है कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के साथ-साथ बड़े उद्योगों को भी समान रूप से प्रोत्साहन मिला है। एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक हब जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने औद्योगिक विकास को गति दी है। साथ ही मजबूत कानून-व्यवस्था ने निवेशकों के विश्वास को और सुद्दढ़ किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि आधारित राज्य न रहकर तेजी से औद्योगिक राज्य के रूप में उभर रहा है, जहां उद्योगों के विस्तार से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिल रही है।