Edited By Ramkesh,Updated: 28 Mar, 2026 08:00 PM

उत्तर प्रदेश में 29 मार्च से 1 अप्रैल के बीच मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने प्रदेश में गरज-चमक, वज्रपात और तेज झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलटर् जारी किया है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 29 मार्च से 1 अप्रैल के बीच मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने प्रदेश में गरज-चमक, वज्रपात और तेज झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलटर् जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 29 मार्च की देर शाम या रात से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होगा, जो 30 मार्च को चरम पर रहेगा और 1 अप्रैल तक जारी रह सकता है।
पूर्वानुमान के अनुसार 29 मार्च को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि पूर्वी हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 30 और 31 मार्च को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा और गरज-चमक का प्रभाव देखने को मिलेगा। 1 अप्रैल को पश्चिमी यूपी में मौसम साफ होने लगेगा, जबकि पूर्वी यूपी के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रह सकती है।
मौसम विभाग ने 29 से 31 मार्च के बीच कई जिलों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी दी है। कुछ स्थानों पर हवा की गति झोंकों में 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 29 मार्च तक अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है, जबकि इसके बाद 31 मार्च तक इतनी ही गिरावट दर्ज होने की संभावना है। इसके बाद फिर तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि पकी हुई फसलों की शीघ्र कटाई कर सुरक्षित स्थानों पर रखें, क्योंकि तेज हवाओं और बारिश से गेहूं, सरसों, चना और अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें, बिजली उपकरणों को सुरक्षित रखें और पेड़ों के नीचे शरण न लें। तेज आंधी और वज्रपात के दौरान विशेष सतकर्ता बरतने की आवश्यकता है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन और यातायात को प्रभावित कर सकता है, इसलिए सभी को सतकर् रहने की जरूरत है।