Edited By Ramkesh,Updated: 13 Feb, 2026 07:29 PM

उत्तर प्रदेश विधानसभा में भर्तियों में आरक्षण के मुद्दे पर शुक्रवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक रागिनी सोनकर ने राज्य स्तरीय भर्तियों में अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी को दिए जा रहे आरक्षण को लेकर सरकार से सवाल पूछा।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में भर्तियों में आरक्षण के मुद्दे पर शुक्रवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक रागिनी सोनकर ने राज्य स्तरीय भर्तियों में अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी को दिए जा रहे आरक्षण को लेकर सरकार से सवाल पूछा।
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने जवाब देते हुए बताया कि अप्रैल 2017 से अब तक कुल 47 हजार पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। इनमें 18 हजार सामान्य वर्ग, 2081 (ईडब्ल्यूएस), 9580 अनुसूचित जाति, 447 अनुसूचित जनजाति और 17,295 ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को नौकरी दी गई है।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट रागिनी सोनकर ने पूरक प्रश्न पूछते हुए आरक्षण के अनुपालन को लेकर दोबारा स्पष्टीकरण मांगा। इसी दौरान सत्ता पक्ष के सदस्य भी खड़े होकर हंगामा करने लगे, जिससे सदन का माहौल गरमा गया। स्थिति को संभालते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सत्तापक्ष के सदस्यों पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा, 'जब हम विपक्ष से बात कर रहे हैं तो आप लोग हंगामा क्यों कर रहे हैं। सदन हमें चलाना है या आपको। इसके बाद अध्यक्ष ने नाराजगी में अपना हेडफोन टेबल पर रख दिया और सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। हालाकि 10 मिनट बाद सदन की कार्यवाही दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो गई।