Edited By Anil Kapoor,Updated: 27 Feb, 2026 10:14 AM

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बहुजन समाज पार्टी (BSP) के एकमात्र विधायक और दिग्गज कारोबारी उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग (Income Tax) ने एक साथ धावा बोल दिया। बीते बुधवार से शुरू हुई यह छापेमारी ....
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बहुजन समाज पार्टी (BSP) के एकमात्र विधायक और दिग्गज कारोबारी उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग (Income Tax) ने एक साथ धावा बोल दिया। बीते बुधवार से शुरू हुई यह छापेमारी गुरुवार को भी जारी रही। खबर है कि लखनऊ स्थित उनके आवास और अन्य ठिकानों से अब तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की जा चुकी है।
लखनऊ से लेकर पूर्वांचल तक हड़कंप
आयकर विभाग की टीमों ने एक साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घेराबंदी की है। लखनऊ के गोमती नगर (विपुल खंड) स्थित आवास के अलावा बलिया (रसड़ा), सोनभद्र, कौशांबी, मीरजापुर और प्रयागराज में कार्रवाई की गई। विधायक के घर, दफ्तर, उनकी कंपनियों के कार्यालय और करीबियों के परिसरों समेत कुल 30 से अधिक जगहों पर टीमें जांच कर रही हैं। छापेमारी के दौरान सरकारी ठेकों, खनन कारोबार और बड़े व्यावसायिक लेन-देन से जुड़े भारी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
बीमारी के बीच कार्रवाई, छिड़ी राजनीतिक बहस
रसड़ा से तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह वर्तमान में ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। वे हाल ही में अमेरिका से इलाज कराकर लौटे हैं और लखनऊ के घर में आइसोलेशन में हैं। एक तरफ जहां विभाग वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ योगी सरकार के ही एक मंत्री ने विधायक की सेहत का हवाला देते हुए इस कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए हैं और इसे अमानवीय करार दिया है।
क्यों हुई छापेमारी?
आयकर विभाग को लंबे समय से टैक्स चोरी और वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही थीं। CAG की पिछली रिपोर्ट में विधायक की कंपनी पर अवैध खनन से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए थे। शुरुआती जांच में बड़ी टैक्स चोरी और बेनामी संपत्तियों के निवेश की आशंका जताई जा रही है। विभाग ने लैपटॉप, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच से कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
यूपी की राजनीति में बढ़ी तपिश
विधानसभा में बसपा के इकलौते प्रतिनिधि होने के नाते उमाशंकर सिंह पार्टी के लिए बेहद अहम हैं। इस छापेमारी ने न केवल बसपा बल्कि विपक्षी खेमे में भी खलबली मचा दी है। विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।