नाबालिग बेटे को विधायक बनाने की सियासी चाल ने पलटी आजम की किस्मत—जन्म प्रमाणपत्र फटा, पैन कार्ड डूबा… अब पासपोर्ट वाला मामला कर सकता है सबसे बड़ा धमाका!

Edited By Anil Kapoor,Updated: 19 Nov, 2025 06:43 AM

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Rampur News: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद 23 सितंबर को लगभग 23 महीने बाद जेल से रिहाई मिली थी। लेकिन उनकी मुश्किलें खत्म होने की बजाय और बढ़ गईं। रिहाई के 2 महीने भी नहीं हुए थे कि उन्हें...

Rampur News: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद 23 सितंबर को लगभग 23 महीने बाद जेल से रिहाई मिली थी। लेकिन उनकी मुश्किलें खत्म होने की बजाय और बढ़ गईं। रिहाई के 2 महीने भी नहीं हुए थे कि उन्हें फिर से जेल की सजा हो गई।

फिर से क्यों हो गई जेल?
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र और दो पैन कार्ड तैयार कराने का आरोप था। कोर्ट ने दोनों को इस मामले में 7-7 साल की सजा और 50–50 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। अदालत ने कहा कि दोनों ने गलत दस्तावेज बनवाकर धोखाधड़ी की है और सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

पासपोर्ट केस अभी भी बाकी
आजम खान पर पासपोर्ट बनवाने के लिए भी जाली दस्तावेज इस्तेमाल करने का केस दर्ज है। ये मामला भी इसी फर्जी जन्म-तिथि विवाद से जुड़ा है। इसलिए लंबे समय तक उनका जेल से बाहर रहना मुश्किल माना जा रहा है।

आजम खान पर कुल कितने मामले?
- आजम खान के खिलाफ कुल 104 मुकदमे दर्ज हुए थे।
- 93 मामले रामपुर में दर्ज हैं
- इनमें से 11 मामले राजस्व से जुड़े हैं
- लगभग 80 से ज्यादा केस अभी भी पेंडिंग हैं
- कई मामलों में सजा हो चुकी है, जबकि कुछ में वो बरी भी हुए हैं
- इन पेंडिंग मामलों में ही पासपोर्ट वाला मामला भी शामिल है जो जन्म प्रमाणपत्र और पैन कार्ड केस से जुड़ा हुआ है।

जन्म प्रमाणपत्र वाला पूरा मामला क्या था?
2017 चुनाव की तैयारी
2017 के विधानसभा चुनाव में आजम खान चाहते थे कि उनका बेटा अब्दुल्ला आजम चुनाव लड़े। लेकिन उस समय उनकी उम्र चुनाव लड़ने के लिए कम पड़ रही थी। तब उनकी उम्र बढ़ाकर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाया गया। इसी आधार पर अब्दुल्ला ने 2017 का चुनाव लड़ा और वे विधायक भी बने, लेकिन विरोधियों ने उनकी जन्मतिथि पर सवाल उठा दिए। इसके बाद दो अलग-अलग जन्म प्रमाणपत्र सामने आए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर दो पैन कार्ड और पासपोर्ट भी बनवाया गया। यह मामला बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने कोर्ट में उठाया था। जांच में सब साबित होने पर आजम खान और अब्दुल्ला दोनों को दोषी पाया गया।

कब-कब और किस मामले में मिली सजा?
2022: भड़काऊ भाषण (लोकसभा चुनाव 2019)
3 साल की सजा

2023: फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामला
10 साल की सजा

2024: जबरन जमीन खाली कराने का मामला (डुंगरपुर)
10 साल की सजा

2024: सड़क जाम और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का मामला
2 साल की सजा

2024: मशीन चोरी मामला
7 साल की सजा

कुल कितने मामले अभी भी खुले हैं?
अगर आजम खान, उनके बेटे और परिवार के बाकी सदस्यों के सभी मामलों को जोड़ दें, तो कुल करीब 175–180 मुकदमे बनते हैं। इनमें से केवल 12–15 मामलों में फैसला आया है। बाकी 150 से ज्यादा मामले अभी भी कोर्ट में चल रहे हैं, जिनमें पासपोर्ट वाला केस भी शामिल है।

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