भाजपा और सपा को हराकर एक तीर से दो निशाने कर सकती है जनता : मायावती

Edited By PTI News Agency, Updated: 19 Jun, 2022 06:02 PM

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लखनऊ, 19 जून (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच अंदरूनी सांठगांठ का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि...

लखनऊ, 19 जून (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच अंदरूनी सांठगांठ का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में जनता बसपा उम्मीदवार को विजयी बना कर एक तीर से दो निशाने साध सकती है।
मायावती ने यहां एक बयान में कहा "यह जगजाहिर है कि भाजपा और सपा एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं। यह दोनों हमेशा एक-दूसरे के पूरक ही रहे हैं। इन दोनों पार्टियों की नीति एक-दूसरे को अंदर ही अंदर राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने की रही है। इसके अनेक उदाहरण मौजूद हैं। इसका खामियाजा औरों से कहीं अधिक अल्पसंख्यकों तथा समाज के अन्य उपेक्षित वर्गों के लोगों को ही उठाना पड़ा है।" उन्होंने कहा, "यह उपचुनाव लोगों के लिए इस मायने में अति महत्वपूर्ण है कि वे एक तीर से दो निशाने करके पहले भाजपा को हराकर उसकी अग्निपथ आदि जैसी जनविरोधी नीतियों और बुलडोजर वाली अहंकारी कार्यशैली को सबक सिखा सकते हैं। साथ ही सपा को भी भाजपा से उसकी अंदरूनी मिलीभगत की भी सजा दे सकते हैं। इससे यह फिर स्थापित हो जाएगा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को चुनाव में पराजित करने के लिए सपा नहीं, बल्कि बसपा ही सबसे शक्तिशाली माध्यम है।" गौरतलब है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद आजमगढ़ लोकसभा सीट से इस्तीफा देने की वजह से इस सीट के लिए उपचुनाव कराया जा रहा है। इस पर मतदान 20 जून को होगा जबकि परिणाम 23 जून को घोषित किया जाएगा। इस उपचुनाव में बसपा ने शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, भाजपा ने दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' तथा सपा ने पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव को मैदान में उतारा है।
मायावती ने भाजपा और सपा पर हमले जारी रखते हुए आरोप लगाया कि राज्य के पिछले विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों के षड्यंत्र और आपसी मिलीभगत के तहत ही बसपा को भाजपा की 'बी' टीम बताया गया और चुनाव को घोर सांप्रदायिक रंग दिया गया और इसका नतीजा था कि भाजपा यहां दोबारा सत्ता में आ गई।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के लोग विधानसभा चुनाव नतीजों से खुद को ठगा हुआ महसूस करने लगे हैं और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में विशेषकर एक विशेष समुदाय के लोगों को पुरानी गलती नहीं दोहरानी चाहिए।
मायावती ने आजमगढ़ की जनता से अपील है कि वह बसपा के उम्मीदवार को जीता कर प्रदेश और देश को जनहित तथा देश हित का बड़ा संदेश दे।



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