Edited By Pooja Gill,Updated: 15 Jan, 2026 12:49 PM

संभल हिंसा: संभल हिंसा मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। चंदौसी की अदालत ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, तत्कालीन कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर और कुछ अज्ञात पुलिसकर्मियों...
संभल हिंसा: संभल हिंसा मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। चंदौसी की अदालत ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, तत्कालीन कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर और कुछ अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार और पुलिस पर कड़ा हमला बोला है।
'पहले इस्तेमाल करो, फिर बर्बाद करो!'
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अब इन पुलिसकर्मियों को बचाने कोई नहीं आएगा। उन्होंने कहा, “अब कोई बचाने नहीं आएगा। अब ये पक्षपाती पुलिसकर्मी अकेले में खाली बैठकर याद करेंगे। भाजपा का फ़ार्मूला नंबर 1 है, पहले इस्तेमाल करो, फिर बर्बाद करो! भाजपा का फ़ार्मूला नंबर 2 है – भाजपाई किसी के सगे नहीं होते।”
“ज्यादा दरोगाई दिखाना भारी पड़ सकता है”
एक अन्य पोस्ट में अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ बड़े पुलिस अधिकारी कोर्ट के आदेश को गलत बता रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह अदालत की अवमानना नहीं है। अखिलेश ने कहा, सत्ता की चापलूसी के चक्कर में जरूरत से ज्यादा दरोगाई दिखाना कहीं महंगा न पड़ जाए।”
पुलिस करेगी कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील
संभल जिले के चंदौसी कोर्ट ने यह आदेश 9 जनवरी को दिया था। यह आदेश उस याचिका पर आया, जो हिंसा में घायल एक युवक के पिता ने दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि युवक को पुलिस की गोली लगी थी। हालांकि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि वे इस आदेश के खिलाफ अपील करेंगे। संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि इस मामले में पहले ही न्यायिक जांच हो चुकी है, इसलिए नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 19 नवंबर का है, जब कुछ हिंदू याचिकाकर्ताओं ने संभल जिला अदालत में दावा किया था कि शाही जामा मस्जिद एक पुराने हरिहर नाथ मंदिर के ऊपर बनी है। अदालत के आदेश पर उसी दिन सर्वे कराया गया और 24 नवंबर को दूसरा सर्वे हुआ।दूसरे सर्वे के बाद संभल में हिंसा भड़क गई। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई और 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान बर्क, मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष जफर अली समेत करीब 2,000 से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया गया है।