Edited By Ramkesh,Updated: 26 Feb, 2026 04:06 PM

रमजान के दौरान होली के त्यौहार की तैयारियों के बीच गोंडा जिले में अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय ने हिदायत दी है कि जिन्हें रंग से परहेज है वे होली के दिन अपने घर में ही रहें।
गोंडा: रमजान के दौरान होली के त्यौहार की तैयारियों के बीच गोंडा जिले में अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय ने हिदायत दी है कि जिन्हें रंग से परहेज है वे होली के दिन अपने घर में ही रहें। होली पर्व को शांति और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिले की कर्नलगंज कोतवाली में आयोजित शांति समिति की बैठक में पुलिस प्रशासन ने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।
जिन्हें रंगों से परहेज अपने घरों में ही रहें
बैठक को संबोधित करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने कहा कि जिन्हें रंगों से परहेज है या जो होली नहीं खेलना चाहते, वे त्योहार के दिन एहतियातन अपने घरों में ही रहें। बैठक में विभिन्न समुदाय के लोगों के समक्ष अपनी बात रखते हुए राय ने कहा, "होली मस्ती का त्यौहार है। यह त्यौहार नहीं देखता कि कौन हिंदू है, कौन मुसलमान, ईसाई या सिख। यह बस देखता है कि होली है। सामने हमारा भाई है और हम उस पर रंग डालेंगे।
'हैप्पी मूड' वालो को समझाना संभव नहीं होता
उन्होंने कहा कि रंग डालते समय आमतौर पर सिर्फ एक ही बात कही जाती है- बुरा न मानो होली है। तीन दिन पूर्व हुई एक बैठक का एक वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर आया जिसे लेकर लोग अनेक प्रकार से टिप्पणियां कर रहे हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने बैठक में कहा कि त्यौहार के दिन कुछ लोग 'हैप्पी मूड' में रहते हैं, जिन्हें उस वक्त समझाना संभव नहीं होता है इसलिए जिन लोगों को रंग से आपत्ति हो, उनका घर से न निकलना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
एकता की मिसाल पेश करने की अपील
उन्होंने होली खेलने की समय-सीमा की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उल्लास दोपहर 12 बजे तक रहता है और दो बजे तक रंग पूरी तरह से बंद हो जाता है। पवित्र रमजान माह और होली एक ही समय पर होने के मद्देनजर राय ने मुस्लिम समुदाय से गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शाम के वक्त जब सब गले मिलते हैं तो इस बार मुस्लिम भाई हिंदू पड़ोसियों द्वारा लाई गई गुझिया से ही अपना रोजा खोलकर सौहार्द का संदेश दे सकते हैं।
जनप्रतिनिधियों ने अपर पुलिस अधीक्षक के फैसले का किया स्वागत
बैठक में मौजूद मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारी की इस सौहार्दपूर्ण अपील का स्वागत किया। स्थानीय निवासी नसीब अली ने राय की अपील का समर्थन करते हुए कहा कि यह आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए बहुत अच्छी कोशिश है और गुझिया से रोजा खोलने की इस पहल से समाज में किसी को भी कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।