महोबा व्यापारी हत्याकांड में आया नया मोड़, SIT ने SP समेत 40 पुलिसकर्मियों को माना दोषी

Edited By Ramkesh,Updated: 26 Sep, 2020 01:16 PM

new twist in mahoba businessman murder case 40 policemen including sp guilty

करोबारी हत्या कांड मामले में नया मोड़ आ गया है। मामले की जांच कर रही विशेष दज ( SIT) ने जांच में घटना के समय तत्ककाली एसपी पाटीदार समेत कई पुलिसकर्मियों को भ्रष्टाचार में संदिगध माना है।

महोबा: करोबारी हत्या कांड मामले में नया मोड़ आ गया है। मामले की जांच कर रही विशेष टीम  ( SIT) ने जांच में घटना के समय तत्कालीन SP पाटीदार समेत कई पुलिसकर्मियों को भ्रष्टाचार में संदिग्ध माना है। आरोप है कि कई मामले में बेकसूरों को झूठे मुकदमे में फंसाने का प्रयास किया है। आइजी वाराणसी विजय सिंह मीणा की अगुवाई में एसआइटी की पड़ताल में ऐसे कई गंभीर आरोपों की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ शिकायतों में अभी और जांच की जा रही है। महोबा प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआइटी सिंडीकेट बनाकर भ्रष्टाचार किए जाने और लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाए जाने के षड्यंत्र की अपनी एक अलग जांच रिपोर्ट डीजीपी को सौंपेगी, जिसमें महोबा के तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार समेत करीब 40 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति किए जाने की तैयारी है।

बता दें कि व्यापारी हत्याकांड के मामले में DGP हितेश चंद्र अवस्थी के निर्देश पर गोली कांड की जांच के लिए एसआइटी का गठन किया गया  है। ऐसी शिकायतों में निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार से लेकर सीओ, एसओ व अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध है। भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे पुलिस अधिकारी व कर्मी जल्द बेनकाब होंगे। आइजी विजय सिंह मीणा का कहना है कि एसआइटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। जल्द रिपार्ट डीजीपी मुख्यालय को सौंप दी जाएगी।

गौरतलब है कि सात सितंबर को ही तत्कालीन एसपी ने आरोपों का खंडन कर इंद्रकांत को जुए-सट्टे का व्यापारी बताया। कहा था कि वह मैगजीन की आड़ में अवैध विस्फोटक का कार्य करते हैं। कबरई थाने में इसका मामला दर्ज किया गया। एक वीडियो आठ सितंबर को वायरल हुआ जिसमें व्यापारी को जुआ खेलते दिखाया गया। एडीजी ने बताया कि इंद्रकांत को उनकी कार में घायल अवस्था में घटनास्थल के पास ही गांव बघवा खोड़ा के बच्चे रविंद्र श्रीवास व अंकुश प्रजापति ने देखा और ग्रामीणों को जानकारी दी। जिन्होंने गांव के ही शिवपाल यादव को सूचना दी। जिसने सत्येंद्र उर्फ सत्यम पुत्र अर्जुन सिंह को घटना की सूचना दी। जो कि इंद्रकांत के पार्टनर बाल किशोर उर्फ बल्लू महाराज को जानकारी देते हुए अर्जुन ने इंद्रकांत को अस्पताल ले गए। जहां पर डांक्टरों ने व्यापरी को मृत घोषित कर दिया था। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। लाइसेंस पिस्टल जमा करा विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा भेजा गया। जांच के बाद यह पता चला सकेगा कि आखिर व्यापारी की  हत्या की गई है या आत्म हत्या है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!