Edited By Ramkesh,Updated: 23 Feb, 2026 05:23 PM

लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ऐतिहासिक लाल बारादरी इमारत और उसमें स्थित मस्जिद के गेट को सील कर बैरिकेडिंग कर दी। इस कदम के बाद परिसर में छात्र नेताओं और मुस्लिम छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्र...
लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ऐतिहासिक लाल बारादरी इमारत और उसमें स्थित मस्जिद के गेट को सील कर बैरिकेडिंग कर दी। इस कदम के बाद परिसर में छात्र नेताओं और मुस्लिम छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्र और मुस्लिम नेताओं ने आरोप लगाया कि रमजान में मस्जिद को सील ठीक नहीं है।
मस्जिद बंद करने पर आक्रोश
करीब 200 साल पुरानी लाल बारादरी का निर्माण 1800 ईस्वी में नवाब नसीरुद्दीन हैदर ने कराया था। यह इमारत विश्वविद्यालय की स्थापना से भी पहले की है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित है। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना मस्जिद वाले हिस्से को बंद कर दिया, जिससे आक्रोश फैल गया।
मुस्लिम छात्रों ने बाहर पढ़ी नमाज
विरोध के दौरान बड़ी संख्या में छात्र बारादरी के सामने जुटे और नारेबाजी की। जब मस्जिद का गेट बंद मिला तो मुस्लिम छात्रों ने बाहर ही नमाज अदा की। इस दौरान एक अनोखी तस्वीर सामने आई—हिंदू छात्रों ने हाथों में हाथ डालकर नमाज पढ़ रहे छात्रों के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना लिया। परिसर में यह दृश्य सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बन गया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रशासन ने सुरक्षा कराणों का दिया हवाला
प्रशासन का कहना है कि लाल बारादरी की इमारत जर्जर हो चुकी है और किसी भी समय हादसा हो सकता है। रजिस्ट्रार के मुताबिक, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां संचालित बैंक, क्लब और कैंटीन को भी खाली कराया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि एएसआई को कई बार पत्र लिखे गए, लेकिन जवाब न मिलने पर एहतियातन बैरिकेडिंग करनी पड़ी। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया।
मामला अब राजनीतिक रंग भी लेता नजर आ रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने इमरान प्रतापगढ़ी से फोन पर बातचीत कर अपनी मांगें रखीं। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी आवाज को उचित मंच तक पहुंचाया जाएगा। फिलहाल छात्र अपनी मांग पर अड़े हैं कि मस्जिद का गेट खोला जाए। प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत की संभावना जताई जा रही है, लेकिन परिसर में माहौल अभी भी संवेदनशील बना हुआ है।