Edited By Purnima Singh,Updated: 06 Feb, 2026 01:42 PM

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने फिल्म 'घूसखोर पंडत' में ब्राह्मण समाज के कथित अपमान की निंदा की है और मांग की है कि इस जातिसूचक फिल्म पर केंद्र सरकार को तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए ......
लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने फिल्म 'घूसखोर पंडत' में ब्राह्मण समाज के कथित अपमान की निंदा की है और मांग की है कि इस जातिसूचक फिल्म पर केंद्र सरकार को तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए। बसपा प्रमुख ने अपने आधिकारिक 'एक्स' खाते पर एक पोस्ट में लिखा, ''यह बड़े दुख व चिंता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले उत्तर प्रदेन में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी 'पंडत' को घूसखोर आदि बताकर पूरे देश में इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है।''
उन्होंने पोस्ट में कहा, ''इससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय जबरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों में निंदा करती है।'' मायावती ने कहा, ''ऐसी इस जातिसूचक फिल्म 'घूसखोर पंडत' पर केंद्र सरकार को तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए, बीएसपी की यह मांग है। साथ ही, इसको लेकर लखनऊ पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करना उचित कदम है।'' राजधानी लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने फिल्म 'घूसखोर पंडत' के निर्देशक और उनकी टीम के खिलाफ एक जाति विशेष (ब्राह्मण) को अपमानित करने और वैमनस्यता फैलाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।
हजरतगंज कोतवाली प्रभारी की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में फिल्म निर्देशक और उनकी टीम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 (धर्म, जाति और भाषा के आधार पर वैमनस्यता को बढ़ावा देना), 299 (जान बूझकर द्वेष पूर्ण तरीके से किसी वर्ग की भावनाओं को आहत करना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 353 (सार्वजनिक उपद्रव से संबंधित) और सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया गया है।