Magh Mela 2026: तीसरे स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर संगम तट पर उमड़ा आस्था का सैलाब

Edited By Pooja Gill,Updated: 18 Jan, 2026 01:18 PM

magh mela 2026 a wave of faith surged on the banks

Magh Mela 2026: उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के संगम तट पर माघ मेले के तीसरे स्नान पर्व मौनी अमावस्या के मौके पर रविवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा है...

Magh Mela 2026: उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के संगम तट पर माघ मेले के तीसरे स्नान पर्व मौनी अमावस्या के मौके पर रविवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा है। माघ मेला के सबसे बड़े स्नान पर्व पर चार करोड़ श्रद्धालुओं के त्रिवेणी में डुबकी लगाने का अनुमान जताया गया है। कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच श्रद्धालु यहाँ मोक्षदायिनी गंगा में स्नान कर मोक्ष की कामना कर रहे हैं। 

सुबह 1.3 करोड़ लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई
गंगा में स्नान करने के लिये श्रद्धालुओं की भीड़ का आना कल रात से ही शुरू हो चुका है। रात 12 बजे से ही श्रद्धालुओं ने माँ गंगा में स्नान करना शुरू कर दिया था। धार्मिक मान्यता है कि आज के दिन सूर्य और चंद्रमा के एक ही राशि में होते है जिसके कारण आज के दिन मौन रहकर संगम में डुबकी लगाने से सौ अश्वमेध यज्ञों का फल प्राप्त होता है। मेले में रविवार को मौनी अमावस्या पर सुबह आठ बजे तक 1.3 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई।        

ठंड पर भारी पड़ रही आस्था 
श्रद्धालु ठंड और कोहरे के बाद भी संगम में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालु बड़ी तादाद में संगम पहुच रहे है। संगम क्षेत्र में स्नान करने के लिए लोगो के उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिल रही है। त्रिवेणी के पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाकर हर कोई पुण्य अर्जित करना चाहता है। 

मान्यता यह है कि...
माघ के महीने को हिंदू धर्म ग्रंथों में बहुत पवित्र माना जाता है लेकिन माघ मास के ठीक मध्य में अमावस्या के दिन का तो बहुत विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता यह है कि इस दिन पवित्र नदी और मां का दर्जा रखने वाली गंगा मैया का जल अमृत बन जाता है। इस लिये माघ स्नान के लिये अमावस्या यानि मौनी अमावस्या को बहुत ही खास बताया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन की तरफ से भी चाक चौबंद प्रबंध किये गए है। 
 

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