Edited By Purnima Singh,Updated: 12 Jan, 2026 04:22 PM

आजमगढ़ जनपद से एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है, जहां पैतृक भूमि को हड़पने के लिए बुजुर्ग और गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी, विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया गया है। मामला थाना कंधरापुर क्षेत्र के ग्राम...
आजमगढ़ (शुभम सिंह) : आजमगढ़ जनपद से एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है, जहां पैतृक भूमि को हड़पने के लिए बुजुर्ग और गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी, विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया गया है। मामला थाना कंधरापुर क्षेत्र के ग्राम जोल्हापुर का है, जहां एक ही परिवार के सदस्यों के बीच करोड़ों की संपत्ति को लेकर विवाद अब आपराधिक शक्ल ले चुका है।
हरिचंद्र राय को हुआ कैंसर
पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनके पूर्वज स्वर्गीय केशव राय के नाम कुल लगभग 2.308 हेक्टेयर भूमि दर्ज थी। उनके निधन के बाद यह संपत्ति उनके पुत्र श्री परमा राय और फिर न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद श्री हरिचंद्र परमा राय के हिस्से में आई। विभाजन के बाद हरिचंद्र राय को 1.154 हेक्टेयर भूमि का स्वामित्व प्राप्त हुआ। वर्ष 2024 के सितंबर माह में हरिचंद्र राय को प्रोस्टेट कैंसर का पता चला, जिसके बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और वे पूर्णतः शय्याशायी हो गए।
अंगूठे का निशान लेकर कथित वसीयत तैयार
आरोप है कि इसी असहाय स्थिति का फायदा उठाते हुए उनके ही परिवार के सदस्य अवनीश राय और उनकी पत्नी नूतन राय ने आपराधिक षड्यंत्र रचा। शिकायत के अनुसार, नवंबर 2024 में हरिचंद्र राय के अंगूठे का निशान लेकर एक कथित वसीयत तैयार की गई, जिसके जरिए संपत्ति को धोखाधड़ीपूर्वक नूतन राय के नाम करने का प्रयास किया गया।
70 लाख में बेची जमीन
इतना ही नहीं, आरोप है कि अवनीश राय और नूतन राय ने गैंगस्टर घोषित रशीद पुत्र मुस्ताक और ओम प्रकाश राय के साथ मिलकर खसरा संख्या 1078, रकबा 0.6065 हेक्टेयर भूमि को 6 फरवरी 2025 को मात्र 70 लाख रुपये में बेच दिया। पीड़ितों के अनुसार, इस जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य लगभग 2 करोड़ 10 लाख रुपये था। हैरानी की बात यह है कि यह भूमि पहले से भारतीय स्टेट बैंक में ऋण के बदले गिरवी रखी गई थी, बावजूद इसके बैंक की एनओसी लिए बिना ही विक्रय विलेख का पंजीकरण करा दिया गया।
अपने खाते में ट्रांस्फर किए 70 लाख
पीड़ित परिवार का आरोप है कि विक्रय से प्राप्त धनराशि को हड़पने के लिए हरिचंद्र राय के नाम से एक्सिस बैंक की आजमगढ़ शाखा में नया खाता खुलवाया गया। इस खाते में आरोपियों ने अपने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करा ली और बैंक में खाता खोलते समय सिग्नेचर अपना कर दिया। हरिश्चंद्र राय का सिग्नेचर इंग्लिश में H. RAI कर दिया, जोकि हरिचंद्र राय ने अपने पूरे जीवन काल में कभी भी इंग्लिश में सिग्नेचर नहीं किया। बैंक से जुड़ी सभी जानकारियां अपने पास रख ली। इसके बाद चेक, एटीएम और यूपीआई के माध्यम से 70 लाख रुपये की पूरी रकम अपने खातों में आरोपी ने स्थानांतरित कर लिया। जबकि किसी भी वैध उत्तराधिकारी को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई।
परिवार को यूं हुई पूरे मामले की जानकारी
परिवार को इस पूरे मामले की जानकारी अप्रैल 2025 में तब हुई, जब गांव के एक पड़ोसी ने बताया कि हरिचंद्र राय पर अन्य पैतृक संपत्तियां बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। जब पीड़ितों ने इसका विरोध किया तो आरोपियों और उनके सहयोगियों ने जान से मारने की धमकी दी, जबरन खाली कागज पर हस्ताक्षर कराए और झूठे मुकदमों में फंसाने की चेतावनी दी।
इन धाराओं में केस दर्ज
पीड़ित ने थाना कंधरापुर में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत धारा 319(2) , 318(4) ,338 ,336(3) , 340(2) , 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कई धाराओं में 7 साल से 10 साल या अधिक तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि अभी तक विपक्षियों की कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।