विरोध और आरोपों से टूटीं हर्षा रिछारिया, पुराने प्रोफेशन में लौटने का ऐलान, सनातन धर्म को लेकर दे दिया बड़ा बयान

Edited By Ramkesh,Updated: 13 Jan, 2026 02:36 PM

harsha richharia devastated by protests and accusations announced her return

महाकुंभ और माघ मेले के दौरान चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने अब आध्यात्मिक मार्ग से दूरी बनाने का ऐलान किया है। सोमवार को जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि महाकुंभ 2025 से शुरू हुई उनकी यह यात्रा अब समाप्त हो रही है। हर्षा ने साफ कहा कि...

प्रयागराज: महाकुंभ और माघ मेले के दौरान चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने अब आध्यात्मिक मार्ग से दूरी बनाने का ऐलान किया है। सोमवार को जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि महाकुंभ 2025 से शुरू हुई उनकी यह यात्रा अब समाप्त हो रही है। हर्षा ने साफ कहा कि उन्होंने कोई गलत या अनैतिक कार्य नहीं किया, इसके बावजूद उन्हें लगातार आलोचना, विरोध और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा।

धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की कोशिश की, तब-तब रोका गया 
हर्षा रिछारिया इस समय प्रयागराज के माघ मेले में मौजूद हैं और इस बार वह अपने भाई दीपक के साथ पहुंची हैं। वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि जब-जब उन्होंने धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की कोशिश की, तब-तब उन्हें रोका गया और उनका मनोबल तोड़ा गया। उन्होंने कहा कि किसी महिला के चरित्र पर सवाल उठना बेहद पीड़ादायक होता है और वह किसी तरह की “अग्नि परीक्षा” देने नहीं आई थीं।

मौनी अमावस्या के बाद आध्यात्मिक मार्ग छोड़ने का फैसला 
हर्षा ने खुलासा किया कि बीते एक वर्ष में उन्हें भारी विरोध झेलना पड़ा है और मौनी अमावस्या के बाद वह आध्यात्मिक मार्ग छोड़कर अपने पुराने प्रोफेशन में लौटेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों ने उन्हें धर्म को धंधा बनाकर करोड़ों कमाने वाला समझ लिया, जबकि हकीकत यह है कि वह आज कर्ज में डूबी हुई हैं।

भोपाल की रहने वाली हैं हर्षा रिछारिया
हर्षा रिछारिया मूल रूप से भोपाल की रहने वाली हैं। उनके पिता नौकरी छोड़ चुके हैं, जबकि उनकी मां बुटीक का संचालन करती हैं। हर्षा ने अपने करियर की शुरुआत मॉडल और एंकर के रूप में की थी और इस क्षेत्र में उन्हें अच्छी सफलता भी मिली। हालांकि, बाद में उनका झुकाव आध्यात्म की ओर बढ़ा।

महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज शिष्या रही हर्षा
उनके सोशल मीडिया अकाउंट धार्मिक स्थलों और आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़े फोटो और वीडियो से भरे हुए हैं। हर्षा आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या रही हैं। उनके इस फैसले ने एक बार फिर धार्मिक और सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!