फूट -फूटकर रोए जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह, फिर सीएम योगी के समर्थन में दिया इस्तीफा, शंकराचार्य विवाद पर छोड़ा पद

Edited By Ramkesh,Updated: 27 Jan, 2026 07:12 PM

gst deputy commissioner prashant singh broke down in tears

अयोध्या में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) उपायुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया तथा कहा कि जाति और धर्म के आधार पर देश को बांटने की हालिया कोशिशों से उन्हें गहरा दुख हुआ है, जो कथित तौर पर प्रयागराज की पवित्र भूमि से हो रही...

अयोध्या: अयोध्या में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) उपायुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया तथा कहा कि जाति और धर्म के आधार पर देश को बांटने की हालिया कोशिशों से उन्हें गहरा दुख हुआ है, जो कथित तौर पर प्रयागराज की पवित्र भूमि से हो रही हैं। सिंह ने कहा कि वह सरकार, संविधान और देश के चुने हुए नेतृत्व के समर्थन में यह कदम उठा रहे हैं।

 

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और माघ मेला प्रशासन के बीच तनाव 
प्रयागराज में ज्योतिष पीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और माघ मेला प्रशासन के बीच उस समय तनाव बढ़ गया, जब 18 जनवरी को मौनी अमावस्या स्नान पर्व के मौके पर पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें और उनके अनुयायियों को गंगा में स्नान करने से रोक दिया। इस घटना के बाद, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए, और मेला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से माफी मांगने की मांग की।

पवित्र भूमि से जाति और धर्म के आधार पर देश को बांटने का आरोप
सिंह ने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों से प्रयागराज की पवित्र भूमि से जाति और धर्म के आधार पर देश को बांटने की घिनौनी कोशिशें हो रही हैं। इससे मुझे गहरा दुख हुआ है।'' उन्होंने कहा कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारत के संविधान के समर्थन में लिया गया है। सिंह ने कहा, ‘‘मैंने माननीय प्रधानमंत्री, माननीय मुख्यमंत्री और माननीय गृह मंत्री के समर्थन में और भारत के संविधान के समर्थन में इस्तीफा दिया है।''

सीएम के खिलाफ विवादित बयान 
सिंह ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा राज्य के चुने हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ दिए गए बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘‘प्रयागराज की पवित्र भूमि से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने हमारे राज्य के चुने हुए नेता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जो संवैधानिक पद पर हैं।'' खुद को सेवा नियमों से बंधा सरकारी कर्मचारी बताते हुए सिंह ने कहा कि वह ऐसी घटनाओं के प्रति उदासीन नहीं रह सकते। उन्होंने कहा, ‘‘मैं उत्तर प्रदेश के सेवा नियमों से बंधा हूं। मुझे राज्य से वेतन मिलता है और मेरा परिवार उसी पर निर्भर है, लेकिन मैं कोई भावनाहीन व्यक्ति नहीं हूं।‘‘ सिंह ने कहा, ‘‘अगर मेरे राज्य और उसके प्रमुख के खिलाफ ऐसा आचरण जारी रहता है, तो एक कर्मचारी के तौर पर अपनी संवैधानिक और सेवा सीमाओं में रहते हुए मैं इसका विरोध करूंगा। इसीलिए मैंने आज अपना इस्तीफा दिया है।

 

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