Edited By Anil Kapoor,Updated: 14 Mar, 2026 07:36 AM

Banda News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर आप दंग रह जाएंगे। एक तरफ सरकार हाई-टेक सुविधाओं का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ बांदा के एक अस्पताल में डॉक्टरों को अंधेरे के बीच मोबाइल और....
Banda News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर आप दंग रह जाएंगे। एक तरफ सरकार हाई-टेक सुविधाओं का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ बांदा के एक अस्पताल में डॉक्टरों को अंधेरे के बीच मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में मरीज का इलाज करना पड़ा। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
अंधेरे में जंग-ए-आजादी जैसी स्थिति
यह मामला जिले के नरैनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, एक मरीज बेहद नाजुक हालत में अस्पताल पहुंचा था। बदकिस्मती से उस वक्त अस्पताल की बिजली गुल थी। पहले तो स्टाफ ने बिजली आने का इंतजार किया, लेकिन जब मरीज की सांसें उखड़ने लगीं, तो मेडिकल स्टाफ ने बिना देर किए टॉर्च जलाई और इलाज शुरू कर दिया। वहां मौजूद किसी शख्स ने इस पूरे मंजर को अपने कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे टॉर्च की मद्धम रोशनी में डॉक्टर टांके और प्राथमिक उपचार कर रहे हैं।
सिस्टम पर उठे तीखे सवाल
वीडियो वायरल होते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सवाल यह है कि अगर अस्पताल में बिजली नहीं थी, तो जनरेटर और इनवर्टर क्यों नहीं चले? क्या करोड़ों का बजट लेने वाले सरकारी अस्पतालों के पास बैकअप की सुविधा भी नहीं है? अगर टॉर्च की रोशनी में कोई चूक हो जाती, तो उस मरीज की जान का जिम्मेदार कौन होता?
एक्शन में आए अधिकारी
मामला बढ़ता देख मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) बिजेंद्र सिंह ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद है, फिर भी ऐसी स्थिति क्यों बनी, इसकी जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है। उन्होंने भरोसा दिया है कि रिपोर्ट आते ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।