Edited By Anil Kapoor,Updated: 14 Mar, 2026 07:10 AM

Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबका दिल दहला दिया, लेकिन अंत में मासूमियत की जीत हुई। अपने बेजुबान दोस्तों यानी कुत्ते के छोटे-छोटे पिल्लों को बचाने के चक्कर में एक 4 साल का बच्चा मौत के मुंह में....
Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबका दिल दहला दिया, लेकिन अंत में मासूमियत की जीत हुई। अपने बेजुबान दोस्तों यानी कुत्ते के छोटे-छोटे पिल्लों को बचाने के चक्कर में एक 4 साल का बच्चा मौत के मुंह में जाते-जाते बचा।
कैसे शुरू हुआ ये डेंजरस खेल?
घटना नवाबगंज इलाके के गरगैया गांव की है। जहां मजदूरी करने वाले संतोष का बेटा विपिन (4 वर्ष) पास के ही एक खेत में खेल रहा था। खेलते-खेलते उसकी नजर मिट्टी की एक संकरी सुरंग पर पड़ी, जिसमें कुत्ते के कुछ पिल्ले बैठे थे। मासूम विपिन उन्हें बाहर निकालने के लिए खुद सुरंग के अंदर रेंगते हुए घुस गया। लेकिन सुरंग इतनी तंग थी कि बच्चा अंदर जाकर बुरी तरह फंस गया।
जब गांव में मच गया हड़कंप
मिट्टी ढीली होने के कारण खतरा और बढ़ गया था। जब काफी देर तक विपिन नजर नहीं आया, तो माता-पिता ने तलाश शुरू की। जैसे ही पता चला कि बच्चा सुरंग के अंदर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है, माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों ने पहले खुद फावड़ों से खुदाई की, लेकिन खतरा बढ़ता देख तुरंत फायर ब्रिगेड को फोन किया गया।
बुलडोजर से हुआ मिरेकल रेस्क्यू
मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने स्थिति की गंभीरता को समझा। मिट्टी धंसने का डर था, इसलिए बहुत ही सावधानी से बुलडोजर (JCB) के जरिए खुदाई शुरू की गई। घंटों की मशक्कत और गांव वालों की दुआओं के बाद, आखिरकार विपिन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अब विपिन पूरी तरह ठीक है और अपने माता-पिता के पास है। बच्चे ने मासूमियत से बताया कि वह सिर्फ उन छोटे पिल्लों को देखने और बचाने गया था।