Edited By Ramkesh,Updated: 06 Mar, 2026 03:44 PM

उत्तर प्रदेश के संभल में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। एक ओर मस्जिद में दुआ के दौरान रोते हुए लोगों का वीडियो वायरल हुआ, वहीं दूसरी ओर मंदिर परिसर में हवन कर बेंजामिन नेतन्याहू की लंबी...
संभल: उत्तर प्रदेश के संभल में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। एक ओर मस्जिद में दुआ के दौरान रोते हुए लोगों का वीडियो वायरल हुआ, वहीं दूसरी ओर मंदिर परिसर में हवन कर बेंजामिन नेतन्याहू की लंबी उम्र और विश्व शांति की कामना की गई।
हमलावरों को ‘नेस्तनाबूत’ करने की दुआ की
इस मामले पर समाजवादी पार्टी के विधायक नवाब इकबाल महमूद ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान में मारे गए लोगों के लिए दुआ करते समय उनका दर्द छलक पड़ा था। उन्होंने कहा कि हमलावरों को ‘नेस्तनाबूत’ करने की दुआ की गई। विधायक ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दे पाए हैं।
सरकार को अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर स्पष्ट रुख रखना चाहिए
उन्होंने कहा कि जो प्रधानमंत्री भारत को ‘विश्वगुरु’ बनाने की बात करते हैं, उन्हें इस तरह की अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर स्पष्ट रुख रखना चाहिए। उनका यह भी कहना है कि मध्य-पूर्व में करीब एक करोड़ भारतीय काम करते हैं और ऐसी परिस्थितियों में भारत सरकार को मध्यस्थता कर शांति की पहल करनी चाहिए। सपा विधायक ने कहा कि ईरान ने कई मौकों पर भारत का साथ दिया है, इसलिए भारत को भी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
इजरायल के प्रधानमंत्री के लिए विशेष हवन-पूजन
वहीं दूसरी ओर संभल में 5 मार्च को सनातन सेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने एक मंदिर परिसर में विशेष हवन-पूजन का आयोजन किया। इस दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पोस्टर लगाकर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां दी गईं। संगठन के कार्यकर्ता कैलाश चंद्र गुप्ता ने कहा कि इजरायल जिस तरह आतंकवाद का सामना कर रहा है, भारत भी अतीत में ऐसी ही घटनाओं से गुजरा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि Pulwama Attack और पहलगाम जैसी घटनाओं के समय इस तरह के विरोध क्यों नहीं देखे गए।
मंदिर के पुजारी ने बताया कि इस धार्मिक अनुष्ठान का उद्देश्य नेतन्याहू की लंबी उम्र की कामना करना और वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खात्मे की प्रार्थना करना था। हवन के दौरान वैदिक मंत्रों के साथ विश्व शांति और आतंकवाद समाप्ति का संकल्प लिया गया।