देवरिया भूमि घोटाला: सरकारी बंजर भूमि पर फर्जीवाड़े का पर्दाफाश, 32 साल पुरानी साजिश उजागर

Edited By Ramkesh,Updated: 14 Jan, 2026 02:36 PM

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देवरिया जिले के सदर तहसील अंतर्गत राजस्व ग्राम मेहडा, तप्पा धतुरा, परगना सिलहट में स्थित सरकारी बंजर भूमि से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। देवरिया–कसया बाईपास से सटी अत्यंत मूल्यवान भूमि अराजी संख्या 1647/2 (रकबा...

देवरिया: देवरिया जिले के सदर तहसील अंतर्गत राजस्व ग्राम मेहडा, तप्पा धतुरा, परगना सिलहट में स्थित सरकारी बंजर भूमि से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। देवरिया–कसया बाईपास से सटी अत्यंत मूल्यवान भूमि अराजी संख्या 1647/2 (रकबा 0.426 हेक्टेयर) को लेकर 32 वर्ष पूर्व किए गए कथित कूट रचना की परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं।

राजस्व अभिलेखों के अनुसार यह भूमि पट्टी सरकार बहादुर कैसरे हिन्द (नॉन जेड ए) के नाम दर्ज थी। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि वर्ष 1993 में तत्कालीन अब्दुल गनी शाह मजार कमेटी से जुड़े पदाधिकारियों—सदर शहाबुद्दीन सजग, नायब सदर इरसाद अहमद, नाजिम मुबारक अली और नायब नाजिर अख्तर वारसी—ने तत्कालीन रजिस्ट्रार कानूनगो राधेश्याम उपाध्याय एवं क्षेत्रीय लेखपाल रामानुज सिंह के साथ कथित मिलीभगत कर राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की। आरोप है कि केवल 0.124 हेक्टेयर भूमि को वक्फ मजार/कब्रिस्तान दर्शाकर अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया गया।

इस मामले की जांच नायब तहसीलदार देवरिया सदर की अध्यक्षता में गठित टीम द्वारा की गई, जिसमें फर्जी इंद्राज की पुष्टि हुई। प्रकरण को उपजिलाधिकारी प्रथम देवरिया के समक्ष एनसीआरबी के तहत वाद संख्या 1202505200122428 में प्रस्तुत किया गया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायालय ने 19 नवंबर 2025 को आदेश पारित करते हुए फर्जी इंद्राज को पूर्णतः कूटरचित घोषित कर निरस्त कर दिया।

न्यायालय के आदेश के अनुपालन में क्षेत्रीय लेखपाल विनय कुमार सिंह ने 12 जनवरी 2026 को कोतवाली देवरिया में विस्तृत तहरीर देकर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूट रचना और सरकारी भूमि हड़पने के आरोपों में एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इस पर प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह ने 13 जनवरी 2026 को अभियोग पंजीकरण के आदेश दिए।

मामले ने सरकारी भूमि की सुरक्षा, राजस्व अभिलेखों की विश्वसनीयता और कथित संगठित भूमि हड़पने के प्रयासों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने इसे भूमि कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताते हुए सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में इस प्रकरण से जुड़ी जांच और भी तेज होने की संभावना है।

 

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