लाल किला ब्लास्ट के पीछे डॉक्टरों का खौफनाक खेल! जानिए 6 किरदार जो 'व्हाइट कॉलर टेरर' के हैं मास्टरमाइंड

Edited By Anil Kapoor,Updated: 12 Nov, 2025 07:04 AM

delhi blast the horrific game of doctors behind the red fort blast

UP Desk: राजधानी दिल्ली में बीते सोमवार शाम को लाल किला के पास एक धमाका हुआ। इसके कुछ घंटे पहले 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया था जिनमें तीन डॉक्टर भी शामिल थे और लगभग 2,900 किलो विस्फोटक बरामद हुआ था। इस मामले की जांच अब एनआईए को सौंपी......

UP Desk: राजधानी दिल्ली में बीते सोमवार शाम को लाल किला के पास एक धमाका हुआ। इसके कुछ घंटे पहले 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया था जिनमें तीन डॉक्टर भी शामिल थे और लगभग 2,900 किलो विस्फोटक बरामद हुआ था। इस मामले की जांच अब एनआईए को सौंपी गई है।

आतंकी नेटवर्क का खुलासा
इस मामले में दो बहुत बड़ी आतंकवादी संगठनों जैश‑ए‑मोहम्मद और अंसार गजवात-उल‑हिंद से जुड़ी एक व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का खुलासा हुआ है। यह मॉड्यूल जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैल रहा था। मॉड्यूल में डॉक्टर जैसी प्रोफेशनल पृष्ठभूमि वाले लोग शामिल पाए गए हैं, जो पढ़े-लिखे थे और रैडिकलाइजेशन, फंडिंग व नेटवर्क में हाथ थे।

मुख्य आरोपी चिकित्सक-किरदार
डॉ. मोहम्मद उमर
- पुलवामा जिले के कोइल गांव के रहने वाले।
- फरीदाबाद के अल‑फलाह मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर का काम कर रहे थे।
- आरोप है कि वह इस साजिश का किंगपिन हैं।
- धमाके वाली कार उसी के नाम पर थी और वो धमाके के समय उस कार में मौजूद था।
- DNA परीक्षण से पुष्टि होनी है कि वास्तव में वह सवार था और यह आत्मघाती हमला था।
- उनके परिवार (मां शमीमा बानो, भाई आशिक व जहूर) को हिरासत में लिया गया है।

डॉ. आदिल राठर
- कश्मीर के कुलगाम जिले के काजीगुंड के रहने वाले।
- GMC श्रीनगर से MBBS, फिर अनंतनाग के मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट।
- अक्टूबर 2024 के बाद प्राइवेट हॉस्पिटल में काम कर रहे थे।
- उनकी लॉकर से AK-47 बरामद हुई।
- टेलीग्राम पर रैडिकलाइजेशन और फंडिंग की बात सामने आई।

डॉ. मुजम्मिल
- 35 वर्षीय MBBS डॉक्टर, पुलवामा के रहने वाले।
- फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर में असिस्टेंट प्रोफेसर थे।
- दो किराए के मकान लिए थे — धौज व फतेहपुर टगा (फरीदाबाद) में।
- इन मकानों से 2,900 किलो विस्फोटक और हथियार बरामद हुए।
- उन्हें 30 अक्टूबर 2025 को वांटेड घोषित किया गया था। 9 नवंबर 2025 को फरीदाबाद में गिरफ्तार किया गया।
- इन्हें 'व्हाइट कॉलर टेरर इकोसिस्टम' का मास्टरमाइंड माना गया है।

डॉ. शाहीन
-लखनऊ की लाल बाग इलाके की रहने वाली, फरीदाबाद के अल-फलाह हॉस्पिटल में काम कर रही थीं।
- 9 नवंबर को उन्हें फरीदाबाद में गिरफ्तार किया गया और श्रीनगर ले जाया गया जहाँ पूछताछ जारी है।
- उनकी कार और उससे जुड़े हथियार भी बरामद हुए हैं।

डॉ. सज्जाद अहमद माला
- पुलवामा का रहने वाला डॉक्टर, उमर का दोस्त बताया गया है। अभी हिरासत में है।

डॉ. परवेज अंसारी
- शाहीन के भाई। यूपी एटीएस ने उन्हें हिरासत में लिया है। उनकी कार उस मॉड्यूल की कार से जुड़ी मिली है। धमाके के बाद उनके बीच कॉल रिकॉर्ड भी मिले हैं।

आगे की प्रक्रिया
धमाके में इस्तेमाल कार और कार में सवार व्यक्ति की पहचान के लिए DNA परीक्षण हो रहा है। पूछताछ के दौरान नेटवर्क, फंडिंग, हैंडलर्स, और सोशल मीडिया लिंक का भी खुलासा हो रहा है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में लगी हैं कि कैसे यह मॉड्यूल तैयार हुआ, फंडिंग कैसे हुई और अन्य साथी कौन-कौन हैं।

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