Edited By Umakant yadav,Updated: 13 Jun, 2020 11:46 AM

बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश में लगातार हो रहे दलित उत्पीड़न के मामलों को लेकर कहा कि इसके दोषी किसी भी धर्म, जाति व पार्टी के बड़े से बड़े नेता व कितने भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो, उनके विरूद्ध तुरन्त व सख्त...
लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश में लगातार हो रहे दलित उत्पीड़न के मामलों को लेकर कहा कि इसके दोषी किसी भी धर्म, जाति व पार्टी के बड़े से बड़े नेता व कितने भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो, उनके विरूद्ध तुरन्त व सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चहिए। इसके साथ ही उन्होंने आजमगढ़ में दलित बेटी के साथ हुये उत्पीड़न के मामले में कार्रवाई को लेकर कहा कि उप्र के मुख्यमंत्री देर आये पर दुरस्त आये, यह अच्छी बात है।

बसपा सुप्रीमो ने शनिवार को ट्वीट कर कहा कि, ‘यूपी में चाहे आजमगढ़, कानपुर या अन्य किसी भी जिले में खासकर दलित बहन-बेटी के साथ हुए उत्पीड़न का मामला हो या फिर अन्य किसी भी जाति व धर्म की बहन-बेटी के साथ हुए उत्पीड़न का मामला हो, उसकी जितनी भी निन्दा की जाये, वह कम है।’

मायावती ने आगे कहा कि, ‘साथ ही, चाहे इसके दोषी किसी भी धर्म-जाति व पार्टी के बड़े से बड़े नेता व कितने भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो, उनके विरूद्ध तुरन्त व सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चहिये। बी.एस.पी का यह कहना व सलाह भी है।’

सुप्रीमो ने अपने तीसरे व अंतिम ट्वीट में कहा कि, ‘खासकर अभी हाल ही में आजमगढ़ में दलित बेटी के साथ हुये उत्पीड़न के मामले में कार्रवाई को लेकर यू.पी के मुख्यमंत्री देर आये पर दुरस्त आये, यह अच्छी बात है। लेकिन बहन-बेटियों के मामले में कार्रवाई आगे भी तुरन्त व समय से होनी चाहिये तो यह बेहतर होगा।’
CM ने आजमगढ़ मामले पर लिया संज्ञान
बता दें कि हाल ही में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के गढ़ आजमगढ़ में दलित किशोरी के साथ छेड़खानी करने व मारमीट का मामला सामने आया था। वहीं मामले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी परवेज, फैजान, नूरआलम, सदरे आलम समेत 12 गिरफ्तार और 7 फरार आरोपियों पर तत्काल एनएसए (NSA) के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही क्षेत्रीय थाने के लापरवाह एसएचओ पर एक्शन का आदेश दिया है।