Edited By Ramkesh,Updated: 23 Feb, 2026 07:15 PM

समेत पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। ठंड का असर अब कम होने लगा है और तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सुबह और शाम हल्की ठंडक महसूस हो रही है, लेकिन दिन में तेज धूप निकलने से लोगों को अभी से गर्मी का एहसास होने लगा...
UP Weather News: समेत पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। ठंड का असर अब कम होने लगा है और तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सुबह और शाम हल्की ठंडक महसूस हो रही है, लेकिन दिन में तेज धूप निकलने से लोगों को अभी से गर्मी का एहसास होने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। फिलहाल कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ या अन्य मौसमी सिस्टम प्रभावी नहीं है, जिससे तापमान में और इजाफा हो सकता है।
बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर असर
बदलते मौसम का प्रभाव लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग सर्द-गर्म के कारण बीमार पड़ रहे हैं। अस्पतालों में सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सुबह-शाम बाहर निकलते समय हल्के ऊनी कपड़े पहनें और खानपान का विशेष ध्यान रखें।
फतेहपुर सबसे ठंडा, वाराणसी सबसे गर्म
रविवार को फतेहपुर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं वाराणसी सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
आगे और बढ़ेगा तापमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, साफ आसमान और तेज धूप के कारण दिन के तापमान में धीरे-धीरे और वृद्धि हो सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि धूप से बचाव करें, पर्याप्त पानी पिएं और सेहत के प्रति सतर्क रहें, क्योंकि समय से पहले गर्मी का असर महसूस किया जा सकता है।
अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस
राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने की संभावना जताई है। सफदरजंग मौसम केंद्र में न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पालम में 13 डिग्री सेल्सियस और लोधी रोड में तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं।
दिल्ली में समग्र वायु गुणवत्ता
'समीर' ऐप के अनुसार, दिल्ली में समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 207 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। दिल्ली के 26 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में थी जबकि 13 केंद्रों पर यह 'मध्यम' श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 'समीर' ऐप के अनुसार, एक केंद्र का एक्यूआई डेटा उपलब्ध नहीं था। अन्य सभी केंद्रों में से आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सबसे खराब रही, जहां एक्यूआई 276 दर्ज किया गया।
सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच 'एक्यूआई' को 'अच्छा', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है। वायु गुणवत्ता पूर्व-चेतावनी प्रणाली (एक्यूईडब्ल्यूएस) के अनुसार, दिल्ली की वायु गुणवत्ता के अगले तीन दिन तक 'खराब' श्रेणी में रहने की संभावना है। अगले छह दिनों के लिए भी वायु गुणवत्ता के 'खराब' से 'मध्यम' श्रेणी में रहने के आसार हैं।