Edited By Ramkesh,Updated: 26 Mar, 2026 03:43 PM

प्रतियोगी परीक्षा में पास कराने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर छात्राओं का यौन शोषण करने के आरोपी प्रोफेसर को यहां की एक अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
हाथरस: प्रतियोगी परीक्षा में पास कराने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर छात्राओं का यौन शोषण करने के आरोपी प्रोफेसर को यहां की एक अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अभियोजन पक्ष ने बृहस्पतिवार को बताया कि अपर जिला न्यायाधीश (प्रथम) महेंद्र कुमार की अदालत ने मंगलवार को सबूत के अभाव में प्रोफेसर को दोषमुक्त कर दिया। हाथरस के पीसी बागला डिग्री कॉलेज के भूगोल विभाग के प्रोफेसर रजनीश कुमार पर छात्राओं का यौन शोषण करने के आरोप लगाये गये थे। छह मार्च 2025 को एक छात्रा ने इस मामले में महिला आयोग को भी पत्र लिखा था। शिकायत सामने आने पर पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद प्रोफेसर के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया था।
इस दौरान प्रोफेसर फरार हो गये तथा बाद में उन्हें प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस मामले में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। प्रोफेसर मामले जमानत पर बाहर थे। अदालत में किसी भी गवाह तथा पीड़िता ने घटना को अंजाम दिए जाने की पुष्टि नहीं की।
अदालत ने कहा कि प्रोफेसर रजनीश पर लगाए गए आरोप संदेह से परे साबित नहीं होते, ऐसे में पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में प्रोफेसर को दोष मुक्त कर दिया जाता है। इस आदेश के बाद प्रोफेसर रजनीश के वकील वीरेंद्र सिंह ने बताया था कि रजनीश कॉलेज की राजनीति का शिकार हुए हैं। यौनशोषण के आरोप से बरी हुए प्रोफेसर रजनीश कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।