गंगा नदी पर चिकन बिरयानी खाना पड़ा महंगा, गिरफ्तार युवक भेजे गए जेल

Edited By Ramkesh,Updated: 20 Mar, 2026 04:03 PM

eating chicken biryani on the ganges river proved costly the arrested youth wer

जिले की एक अदालत ने गंगा नदी में नौका पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने और कथित रूप से चिकन बिरयानी खाने के मामले में गिरफ्तार 14 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एक अधिवक्ता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अतिरिक्त दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिविजन)...

वाराणसी: जिले की एक अदालत ने गंगा नदी में नौका पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने और कथित रूप से चिकन बिरयानी खाने के मामले में गिरफ्तार 14 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एक अधिवक्ता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अतिरिक्त दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिविजन) अमित कुमार यादव ने बृहस्पतिवार को सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

शिकायतकर्ता रजत जायसवाल के वकील शशांक शेखर त्रिपाठी के अनुसार, आरोपियों ने एक नाविक को धमकाया और जबरन अपने साथ ले जाकर नदी में उसकी नौका पर पार्टी की। घटना का वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इन 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। उसी दिन भाजपा युवा मोर्चा की नगर इकाई के अध्यक्ष रजत जायसवाल ने लिखित शिकायत दी थी। 

पुलिस ने नाविक और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर अदालत में रिपोर्ट भी पेश की। इसके बाद आरोपियों पर अपहरण सहित कई और धाराएं जोड़ने की अर्जी दी गई। जायसवाल की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धार्मिक स्थल को अपवित्र करने और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता ने कहा, ''सनातन धर्म मानने वालों के लिए गंगा के प्रति गहरी और अटूट आस्था है। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु हर दिन काशी आकर गंगाजल से पूजा-अर्चना करते हैं।

जायसवाल ने कहा, ''ऐसे में नदी के बीच नौका पर बिरयानी खाना और उसका बचा हुआ हिस्सा नदी में फेंकना पूरी तरह गलत है। ऐसा लगता है कि यह काम हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किया गया है।

 सहायक पुलिस आयुक्त विजय प्रताप सिंह ने बताया था कि वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 299 (दुर्भावनापूर्ण कृत्य), 196(1)(बी) (समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना), 270 (सार्वजनिक उपद्रव) तथा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 24 के तहत मामला दर्ज किया है। 
 

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