Edited By Ramkesh,Updated: 01 Apr, 2026 06:43 PM

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तर प्रदेश के चर्चित खनन कारोबारी और पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है।
लखनऊ: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तर प्रदेश के चर्चित खनन कारोबारी और पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश राहुल प्रकाश ने सख्त रुख अपनाते हुए इकबाल से जुड़ी तीन प्रमुख चीनी मिलों को जब्त करने का आदेश दिया है। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 1000 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
ईडी के अनुसार, मोहम्मद इकबाल लंबे समय से जांच एजेंसियों से बचता रहा और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रहा था। ऐसे में उसके खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत कार्रवाई की गई, जो आर्थिक अपराधों के मामलों में एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान माना जाता है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि इकबाल पर मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध खनन से जुड़े गंभीर आरोप हैं। वह लंबे समय से एजेंसियों की निगरानी में था, लेकिन लगातार फरार चल रहा था। बताया जा रहा है कि इससे पहले वर्ष 2024 में भी ईडी ने इकबाल से जुड़ी एक कथित अवैध यूनिवर्सिटी को जब्त किया था, जिसका संचालन उसके परिवार के सदस्य कर रहे थे।अब तीन बड़ी चीनी मिलों की जब्ती के आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी मामले में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और संबंधित सभी संपत्तियों की जांच की जा रही है।