Edited By Anil Kapoor,Updated: 16 Mar, 2026 07:00 AM

Meerut News: मध्य पूर्व (इजरायल-ईरान) में बढ़ते तनाव का असर अब स्थानीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। युद्ध की आहट के बीच भारत में एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है। मेरठ में भी लोग डर (Panic) के कारण गैस एजेंसियों के बाहर लंबी...
Meerut News: मध्य पूर्व (इजरायल-ईरान) में बढ़ते तनाव का असर अब स्थानीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। युद्ध की आहट के बीच भारत में एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है। मेरठ में भी लोग डर (Panic) के कारण गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। इस स्थिति का फायदा उठाने के लिए कुछ लोग सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण (Hoarding) करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे देखते हुए मेरठ प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।
अफवाहों पर न दें ध्यान, घर बैठे होगी बुकिंग
जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) विनय कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि गैस की सप्लाई में कोई कमी नहीं है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें। उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग रसीद के अनुसार नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराई जाएगी। लोग लाइन में लगने के बजाय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बुकिंग करें, ताकि सिलेंडर सीधे उनके घर तक पहुंच सके।
अवैध सिलेंडर मिलने पर होगी जेल और जुर्माना
प्रशासन ने उन लोगों को कड़ी चेतावनी दी है जो एक से अधिक सिलेंडर जमा करके उसे महंगे दामों पर बेचने की फिराक में हैं। जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार एक रसीद वाले उपभोक्ता को एक और दो रसीद वालों को दो सिलेंडर रखने की ही अनुमति है। यदि किसी के घर या प्रतिष्ठान में बिना किसी वैध स्रोत (Source) के अतिरिक्त सिलेंडर पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माने के साथ जेल की सजा भी हो सकती है।
सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है भंडारण
गैस सिलेंडर को घर में जरूरत से ज्यादा जमा करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि अधिक सिलेंडर स्टोर करने से गैस रिसाव की संभावना बढ़ जाती है, जिससे कोई बड़ी दुर्घटना या आग लग सकती है। प्रशासन ने सलाह दी है कि समय-समय पर अपने गैस चूल्हे, पाइप और रेगुलेटर की जांच किसी विशेषज्ञ से जरूर करवाते रहें ताकि छोटी सी लापरवाही बड़ी आपदा न बन जाए।