Edited By Pooja Gill,Updated: 23 Feb, 2026 01:57 PM

UP Desk: सोशल मीडिया पर एक मामला काफी चर्चा का विषय बना हुआ है और इसका वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला नस्लभेदी सोच से जुड़ा हुआ है...
UP Desk: सोशल मीडिया पर एक मामला काफी चर्चा का विषय बना हुआ है और इसका वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला नस्लभेदी सोच से जुड़ा हुआ है और दिल्ली के मालवीय नगर इलाके से सामने आया है। यहां अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ उनके पड़ोसियों ने कथित तौर पर नस्लभेदी व्यवहार किया। यह विवाद घर में हो रहे छोटे से मरम्मत कार्य को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन बाद में मामला गाली-गलौज और अपमानजनक टिप्पणियों तक पहुंच गया।
जानिए पूरी घटना
घटना 20 फरवरी की दोपहर करीब 3:30 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित महिलाएं मालवीय नगर के एक अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर किराए के फ्लैट में रहती हैं। उन्होंने अपने घर में एयर कंडीशनर लगवाने के लिए एक इलेक्ट्रिशियन को बुलाया था। ड्रिलिंग के दौरान थोड़ी धूल और मलबा नीचे गिर गया, जिससे नीचे रहने वाले पड़ोसी हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी जैन नाराज हो गए। इस पूरे विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो हो रहा वायरल
वीडियो में आरोपी महिला पीड़ितों को ‘मोमो’ कहकर बुलाती नजर आ रही है। उसने महिलाओं के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उन पर गलत आरोप भी लगाए गए। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान एक पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद था और मामला शांत कराने की कोशिश कर रहा था। इसके बावजूद आरोपी दंपती कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते रहे। आरोप है कि उन्होंने पीड़ित महिलाओं के खिलाफ नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।
'तुम्हारी कोई औकात नहीं है, जाकर मोमो बेचो'
महिला ने कहा, "तुम्हारी कोई औकात नहीं है, जाकर मोमो बेचो, तुम नॉर्थ-ईस्ट के लोग बकवास हो।" एक पीड़ित लड़की कहती है, "तुमने मेरी इमेज खराब की है। शराब पीने के झूठे आरोप लगाए, यदि तुम्हें कोई बोतल मिली है तो मेरे कमरे में जाकर चेक करो।" जवाब में आरोपी महिला हद पार कर जाती है, वो कहती है... "तुम उसके साथ क्यों नहीं सोती? मेरे बेडरूम में जाओ, पता चल जाएगा वह कितने साल का है।" आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज हुआ है। इनमें धारा 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना), 351(2) (धमकी देना), 3(5) (साझा इरादा) और 196 (धर्म या जाति के आधार पर नफरत फैलाना) शामिल हैं। फिलहाल, जांच चल रही है।