Edited By Anil Kapoor,Updated: 15 Mar, 2026 07:13 AM

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों पर प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद खाद्य एवं रसद विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त...
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों पर प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद खाद्य एवं रसद विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने शहर भर में छापेमारी कर अवैध धंधेबाजों की कमर तोड़ दी है।
छापेमारी की बड़ी बातें
शहर के 1,483 संदिग्ध ठिकानों, गोदामों और गैस एजेंसियों पर दबिश दी गई। जांच के बाद कुल 24 एफआईआर (FIR) दर्ज की गईं। मौके से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 19 अन्य पर कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। दर्ज की गई एफआईआर में से 4 मामले गैस वितरकों (Distributors) के खिलाफ हैं, जो नियमों की अनदेखी कर रहे थे।
क्यों हुई यह कार्रवाई?
पिछले कुछ दिनों से शहर में गैस सिलेंडरों की कमी और ऊंचे दामों पर बिक्री की खबरें आ रही थीं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश कालाबाजारी के खिलाफ इस तरह की जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाने वाला पहला राज्य है। प्रशासन का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को सही कीमत पर और बिना किसी देरी के रसोई गैस मिल सके।
घबराने की जरूरत नहीं- सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक
राज्य सरकार ने जनता को भरोसा दिलाया है कि प्रदेश में एलपीजी का कोई संकट नहीं है। वर्तमान में 4,108 वितरक उपभोक्ताओं को सेवाएं दे रहे हैं। सभी गैस एजेंसियों के पास पर्याप्त सिलेंडर मौजूद हैं और बुकिंग के आधार पर डिलीवरी दी जा रही है।
मदद के लिए 24 घंटे खुला है कंट्रोल रूम
अगर आपको गैस मिलने में परेशानी हो रही है या कोई आपसे ज्यादा पैसे मांग रहा है, तो आप तुरंत शिकायत कर सकते हैं। खाद्य आयुक्त कार्यालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है। हर जिले में नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं जो शिकायतों का तुरंत निपटारा करेंगे। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे कालाबाजारी की जानकारी मिलते ही अधिकारियों को सूचित करें ताकि दोषियों पर सख्त एक्शन लिया जा सके।