गन्ना मूल्य निर्धारण के लिए समिति का हुआ गठन, जल्द घोषित होगा मूल्यः राज्य सरकार

Edited By Nitika,Updated: 05 Dec, 2019 04:59 PM

sugarcane price to be announced soon

उत्तराखंड में राज्य सरकार ने गुरुवार को कहा कि राज्य में गन्ना मूल्य निर्धारण के लिए परामर्श समिति का गठन किया जा चुका है। इसके साथ ही उसकी रिपोर्ट प्राप्त होते ही इस पेराई सत्र के लिए गन्ने का मूल्य घोषित कर दिया जाएगा।

देहरादूनः उत्तराखंड में राज्य सरकार ने गुरुवार को कहा कि राज्य में गन्ना मूल्य निर्धारण के लिए परामर्श समिति का गठन किया जा चुका है। इसके साथ ही उसकी रिपोर्ट प्राप्त होते ही इस पेराई सत्र के लिए गन्ने का मूल्य घोषित कर दिया जाएगा।

राज्य विधानसभा में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान और पेराई सत्र आरंभ होने के बावजूद उसका मूल्य घोषित न किए जाने का कांग्रेस ने मुद्दा उठाया। इस मामले का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य निर्धारण परामर्श समिति का गठन हो चुका है और उसके रिपोर्ट देते ही राज्य में गन्ने का मूल्य घोषित कर दिया जाएगा। विपक्ष द्वारा समय सीमा निर्धारित किए जाने पर जोर देते हुए मदन कौशिक ने कहा कि अगर आज ही रिपोर्ट मिल जाती है तो कल गन्ना मूल्य घोषित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा हफते भर के भीतर गन्ना मूल्य की घोषणा हो जाएगी।

कौशिक ने कांग्रेस सदस्य काजी निजामुद्दीन की उस चिंता को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा घोषित उचित एवं लाभकारी मूल्य तथा गन्ने की रिकवरी रेट को बढ़ाए जाने के आधार पर राज्य में मूल्य घोषित होने से गन्ना किसानों को होने वाले नुकसान का अंदेशा जताया था। मंत्री ने कहा कि हम भारत सरकार के एफआरपी पर नहीं बल्कि प्रदेश में घोषित होने वाले गन्ना मूल्य पर किसानों को भुगतान करेंगे। हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि गन्ने की रिकवरी रेट बढ़ाये जाने का कोई असर प्रदेश के किसानों पर नहीं पड़ेगा और उनके भुगतान से कोई कटौती नहीं की जाएगी। मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि गन्ना मूल्य निर्धारण से पहले ही चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति कर चुके गन्ना किसानों को भी उनकी उपज का वही मूल्य मिलेगा जो घोषित किया जाएगा।

कौशिक ने कहा कि राज्य के गन्ना किसानों के 58 करोड़ रुपए के बकाए के यथाशीघ्र भुगतान की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गन्ना किसानों के हित के लिए एक दूरगामी योजना बनाते हुए उत्तराखंड चीनी संघ के माध्यम से इथेनॉल प्लांट लगाने का भी फैसला लिया है। कांग्रेस सदस्य हांलांकि मंत्री के इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और अध्यक्ष के आसन के सामने आकर सरकार से अपने सभी सवालों के स्पष्ट जवाब देने पर जोर देने लगे। थोडी देर हंगामे की स्थिति बनी रही जिसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी ।

इससे पहले कांग्रेस सदस्य निजामुद्दीन ने इस मुददे को उठाते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों की वजह से गन्ना उगाने की लागत में बहुत इजाफा हो गया है और भुगतान समय पर न होने से किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हैं। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश ने भी सरकार से कैबिनेट बुलाकर इस समस्या का हल ढूंढने को कहा।

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