Edited By Tamanna Bhardwaj,Updated: 06 Jul, 2022 10:42 AM

उत्तर प्रदेश में बीजेपी का अध्यक्ष तय करने के लिए अधिक मंथन किया जा रहा है। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जातीय-क्षेत्रीय समीकरण का भी पूरा दबाव है। जिसके चलते यूपी बीजेपी अध्यक्ष की नियुक्ति के ...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बीजेपी का अध्यक्ष तय करने के लिए अधिक मंथन किया जा रहा है। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जातीय-क्षेत्रीय समीकरण का भी पूरा दबाव है। जिसके चलते यूपी बीजेपी अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए समय लग रहा है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी।
यूपी बीजेपी अध्यक्ष किस वर्ग से होगा इसका भी खास रोल है। कुछ लोगों का तर्क यह भी है कि विधानसभा में तमाम चुनौतियों के बावजूद भाजपा ने शानदार सफलता प्राप्त की, इसलिए आबादी में सर्वाधिक हिस्सेदारी वाले पिछड़े वर्ग के ही कार्यकर्ता को फिर से मौका दिया जाएगा। वहीं पार्टी के भीतर एक तर्क ये भी है कि मसलन 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव की तरह 2024 को ध्यान में रखते हुए ब्राह्मण को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा। पिछड़ा वर्ग से सबसे मजबूत दावेदार केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा बताए जा रहे हैं।
वहीं ब्राह्मणों में कई नाम हैं, जैसे कि पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश कुमार, अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम, कन्नौज सांसद सुब्रत पाठक आदि। वहीं, दलित वर्ग से विधान परिषद सदस्य लक्ष्मण आचार्य, सांसद विनोद सोनकर, एमएलसी विद्यासागर सोनकर और इटावा के सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया के नाम की चर्चा है।