वाराणसीः मलबे में सैकड़ों खंडित शिवलिंग मिलने से हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस

Edited By Tamanna Bhardwaj,Updated: 20 Dec, 2018 03:10 PM

काशी नगरी वाराणसी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दर्जनों खंडित टूटे-फूटे शिवलिंग मलबे में पड़े मिले। आरोप है कि ये विश्वनाथ मंदिर काॅरिडोर के निमार्ण के दौरान तोड़े जा रहें मंदिरों का ही शिवलिंग है। जिसके बाद सैकड़ों की संख्या में इलाके और थाने को...

वाराणसीः काशी नगरी वाराणसी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दर्जनों खंडित टूटे-फूटे शिवलिंग मलबे में पड़े मिले। आरोप है कि ये विश्वनाथ मंदिर काॅरिडोर के निमार्ण के दौरान तोड़े जा रहें मंदिरों का ही शिवलिंग है। जिसके बाद सैकड़ों की संख्या में इलाके और थाने को क्षेत्रिय लोगों का वहां हुजूम लग गया। लोगों ने जमकर धरना-प्रदर्शन किया। जिसमें साधु-संतों के अलावा कई राजनैतिक पार्टियां इसकी अगुवाई करने लगी। आनन-फानन में पुलिस ने खंडित शिवलिंग के मलबे को थाने में सुरक्षित रखा और मामले की जांच शुरू कर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया है।
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दरअसल, रोहित नगर काॅलोनी में दर्जनों खंडित टूटे-फूटे शिवलिंग मलबे की शक्ल में एक निजी व्यक्ति के प्लॉट पर मिले। प्लॉट पर खड्ढों को भरने में मलबे के रूप में शिवलिंग को भरा जाना था। शिवलिंग की दुर्दशा और इसके काशी विश्वनाथ मंदिर काॅरिडोर निर्माण के दौरान मंदिरों से निकले होने की बात सुनकर कई राजनैतिक पार्टियों और साधु-संयासियों ने मोर्चा खोल दिया।
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बस फिर क्या था, आनान-फानन में मलबे की ढेर में मिले सभी शिवलिंग को पुलिस ने मौके से हटाकर थाने में सुरक्षित रखा। इस घटना के बाद साधुओं ने मांग की कि तत्काल प्रभाव से काशी विश्वनाथ मंदिर काॅरिडोर का काम रोक दिया जाए और शिवलिंग तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो।
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घटना की सूचना होते ही मौके पर आलाधिकारी और भारी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंच गई और मामले की जांच में जुट गई है। हालांकि मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने भी पाया कि मलबे में काफी संख्या में टूटे हुए शिवलिंग और नंदी की मूर्तियां हैं, लेकिन ये कहा से आया ये अभी जांच के बाद ही पता चलने की बात बताई जा रही है।
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उधर, विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक मिले शिवलिंग के मलबे के निरीक्षण के बाद पता चला है कि उसका कॉरिडोर से कोई संबंध नही है। मिला मलबा चुनार पत्थर से निर्मित है, जबकि विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र में लाखौरी ईट का मलबा निकल रहा है। इतनी भारी मात्रा में शिवलिंग का मलबा काॅरिडोर का नही मिल सकता।
 

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