UP में है हिजड़ों की मस्जिद! पूरी कहानी सुन रोंगटे खड़े हो जाएंगे.....जानिए कब, क्यों और किसने करवाया था निर्माण

Edited By Purnima Singh,Updated: 09 Nov, 2025 07:37 PM

there is a hijra mosque in agra

भारत में कई सालों तक मुग़लों का राज रहा था। इस दौरान आगरा में सैकड़ों मुग़लकालीन ईमारत बनाई गईं। आगरा का ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में शामिल है। जिसे देखने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी पर्यटक आते हैं .....

आगरा : भारत में कई सालों तक मुग़लों का राज रहा था। इस दौरान आगरा में सैकड़ों मुग़लकालीन ईमारत बनाई गईं। आगरा का ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में शामिल है। जिसे देखने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी पर्यटक आते हैं। इसके अलावा जिले में और भी कई इमारतें हैं जो काफी फेमस हैं। जिनमें मुग़लकाल की एक ऐसी मस्जिद भी शामिल है, जिसे हिजड़ों की मस्जिद कहा जाता है। इस मस्जिद को  मुग़लकालीन बादशाह अकबर के समय बनवाया गया था। 

मुग़लकाल में एक ऐसा समय आया था जब कई सालों तक आगरा में बारिश नहीं हुई थी। बारिश न होने के कारण सूखा पड़ने लगा था। ऐसे में इंसानों और जानवरों दोनों की जिंदगियां अस्त-व्यस्त होने लगी थीं। अपनी प्रजा पर खतरा मंडराता देख बादशाह अकबर ने अपने दरबारियों के साथ बैठक की। बैठक में बादशाह ने बरसात का हल निकालने के लिए मौलाना, दुआएं, टोना-टोटका करने वालों को ढूंढने की बात कही।  लेकिन ऐसा कोई व्यक्ति उस समय काम नहीं आया। तब शाही हिजड़ा यातिमा ने दुआएं कीं, जिसका असर हुआ और तेज़ बरसात ने दस्तक दी थी। बरसात से एक बार फिर जन-जीवन सामान्य हो गया था। बादशाह अकबर शाही हिजड़ा यातिमा की दुआओं से खुश हुआ था। इसी के बाद बादशाह ने इस मस्जिद का निर्माण कराया था। 

प्रसिद्ध इतिहासकार राज किशोर शर्मा ने बताया कि मुग़ल बादशाह अकबर ने हिजड़ों के लिए एक खास मस्जिद का निर्माण कराया था। वह बताते हैं कि पूर्व में मुग़लकाल में हिजड़ों की संख्या अत्यधिक थी, जिस कारण इस मस्जिद में केवल हिजड़े ही जाया करते थे। वर्तमान में यहां शाही हिजड़ा यातिमा की कब्र बनी हुई है। दरगाह पर लोग आकर दुआएं मांगते हैं। कहा जाता है कि आज भी सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद यहां पूरी होती है। 

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