Edited By Imran,Updated: 27 Mar, 2022 12:43 PM

विधानसभा चुनाव में एक साथ नजर आए सपा प्रमुख अखिलेश यादव और प्रसपा के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के बीच फिर से दूरियां बढ़ती नजर आ रही है, वहीं, चाचा शिवपाल ने खुले तौर पर अपनी नाराजगी भी जाहिर किया है।
इटावा: विधानसभा चुनाव में एक साथ नजर आए सपा प्रमुख अखिलेश यादव और प्रसपा के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के बीच फिर से दूरियां बढ़ती नजर आ रही है, वहीं, चाचा शिवपाल ने खुले तौर पर अपनी नाराजगी भी जाहिर किया है। दरअसल, शिवपाल इटावा के एक कार्यक्रम में पहुंचे जहां, उनका दर्द छलक उठा। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए रामायण और महाभारत के चरित्रों का उदाहरण दिया। साथ ही कहा कि हमें हनुमान की भूमिका याद रखनी चाहिए, क्योंकि उन्हीं की वजह से राम युद्ध जीत सके थे।
इसके साथ ही शिवपाल ने यह भी कहा कि भगवान राम का राजतिलकहोने वाला था, लेकिन उनको वनवास जाना पड़ा. इतना ही नहीं हनुमान जी की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण थी क्योंकि अगर वह नहीं होते, तो राम युद्ध नहीं जीत पाते। ये भी याद रखने वाली बात है कि हनुमान ही थे, जिन्होंने लक्ष्मण की जान बचाई। शिवपाल ने कहा कि विषम परिस्थितियां कभी-कभी सामने आती हैं। आमजन ही नहीं, भगवान पर भी विषम परिस्थितियां आईं। कई संकट आए लेकिन अंत में जीत सत्य की ही होती है।
उन्होंने हाभारत के चरित्रों का भी जिक्र करते हुए कहा कि धर्मराज युधिष्ठिर को शकुनि से जुआ नहीं खेलना चाहिए था। अगर जुआ खेलना ही था तो दुर्योधन के साथ खेलते लेकिन जुआ शकुनि के साथ खेल लिया. अब ये भी सच है कि वह शकुनि ही थे, जिन्होंने महाभारत करा दी थी।