राकेश टिकैत बोले- एक तूफान आया था, डालियां और खोखले दरख्त टूट गए, अब सिर्फ मजबूत स्तम्भ खड़े

Edited By Tamanna Bhardwaj,Updated: 30 Jan, 2021 05:15 PM

rakesh tikait said  a storm had come the branches and hollow

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रिय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि, "एक तूफान आया था, इस तूफान में टहनी, डालियां और खोखले दरख्त टूट गए, अब सिर्फ मजबूत स्तम्भ खड़े हैं।" राकेश टिकैत ने बताया, "ज्यादा भीड़ के लिए व्यवस्था करनी पड़ती है, खेत का काम छूटेगा...

लखनऊ: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रिय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि, "एक तूफान आया था, इस तूफान में टहनी, डालियां और खोखले दरख्त टूट गए, अब सिर्फ मजबूत स्तम्भ खड़े हैं।" राकेश टिकैत ने बताया, "ज्यादा भीड़ के लिए व्यवस्था करनी पड़ती है, खेत का काम छूटेगा और यहां कोई काम नहीं है। आंदोलन में आप पांच आदमी बिठा दो और किसान संगठन का झंडा सड़क के बीच में लगा दो, किसी सरकार की ताकत नहीं की उस झंडे को भी हाथ लगा दे। आंदोलन भीड़ से नहीं चलता, आंदोलन का मकसद क्या है उससे चलता है।" 

गाजियाबाद से भारतीय किसान यूनियन (आराजनैतिक) के बैनर तले आए विजेंदर सिंह ने बताया, "हमें एमएसपी पर गारंटी चाहिए और सरकार इन तीनों कानून को वापस ले ले, हम यहां से तुरन्त हट जाएंगे। सरकार ने एक जहर का ग्लास दे दिया है, अब उसमें से एक चम्मच कम करें या दो चम्मच, जहर तो जहर होता है।"

बॉर्डर पर बढ़ती भीड़ पर उन्होंने कहा कि, "गणतंत्र दिवस पर हम सभी परेड में शामिल होने के लिए आए थे। इसके बाद हम अपने गांव रवाना हो गए, अब फिर आन्दोलन में शामिल होने आए हैं।" उन्होंने कहा कि "हमारे ऊपर प्रशासन ने दबाब बनाया, जिसके कारण हमारे नेता के आंखों में आंसू आए। उसी आक्रोश में बॉर्डर पर भीड़ बढ़ रही है और जिसके पास जैसी सहूलियत है वह उससे आ रहा है।"


 

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