उत्तरप्रदेश : ‘अग्निपथ योजना के खिलाफ दूसरे दिन भी कई जिलों में हिंसक प्रदर्शन्, 260 गिफ्तार

Edited By PTI News Agency, Updated: 18 Jun, 2022 12:10 AM

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लखनऊ, 17 जून (भाषा) सशस्त्र बलों में भर्ती की केन्द्र की नयी ''अग्निपथ'' योजना के खिलाफ उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी हिंसक प्रदर्शन किया। बलिया में प्रदर्शनकारियों ने एक ट्रेन के खाली डिब्बे...

लखनऊ, 17 जून (भाषा) सशस्त्र बलों में भर्ती की केन्द्र की नयी 'अग्निपथ' योजना के खिलाफ उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी हिंसक प्रदर्शन किया। बलिया में प्रदर्शनकारियों ने एक ट्रेन के खाली डिब्बे को आग के हवाले कर दिया और अलीगढ़ में एक पुलिस चौकी फूंक दी गयी।

हिंसक प्रदर्शन के मामले में प्रदेश में अब तक 260 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र में कुछ नौजवानों के एक समूह ने अलीगढ़-पलवल राज्यमार्ग पर स्थित जट्टारी पुलिस चौकी में आग लगा दी। इसके अलावा उन्होंने पुलिस के एक वाहन को भी आग के हवाले कर दिया।

उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अलीगढ़ और टप्पल के बीच फंसे कुछ निजी वाहनों पर पथराव भी किया। हिंसक प्रदर्शन के दौरान खैर के पुलिस क्षेत्राधिकारी इंदु सिद्धार्थ घायल भी हो गये। हालांकि उन्हें मामूली चोटें आयी हैं।

कुमार ने बताया कि प्रदेश में 17 जगहों से धरना प्रदर्शन की सूचना आई हैं। हिंसक घटनाओं के मामले में वाराणसी में तीन तथा फिरोजाबाद, अलीगढ़ और गौतम बुद्ध नगर जिलों में एक-एक मुकदमा दर्ज किया गया है। वारदात ग्रस्त पांच जिलों में कुल 260 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा 109 गिरफ्तारियां बलिया में की गई हैं। इसके अलावा मथुरा में 70, अलीगढ़ में 31, वाराणसी में 27 तथा गौतम बुद्ध नगर में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि जिले में हिंसा के मामले में 30 लोगों को हिरासत में लिया गया। हिंसाग्रस्त टप्पल इलाके में बल ने फ्लैग मार्च किया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद पुलिस की साइबर सेल के माध्यम से सोशल मीडिया पर पैनी निगाह रखी जा रही है।

बलिया में ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कुछ नौजवानों ने बलिया रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन के खाली डिब्बे में आग लगा दी और कुछ बसों में तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

बलिया की जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि फिलहाल 100 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है। जांच के बाद आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ है। वीडियो में कुछ युवा रेल की पटरी उखाड़ने का प्रयास करते और रेलवे की संपत्ति में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। वीडियो के अनुसार बलिया-वाराणसी मेमू एवं बलिया-शाहगंज ट्रेन में भी तोड़फोड़ की गई तथा प्लेटफार्म पर दुकानों को भी निशाना बनाया गया। रोडवेज से अनुबंधित दो बस में भी तोड़फोड़ की गयी।

अपर पुलिस अधीक्षक तिवारी ने बताया कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े।

बलिया में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे एक युवक ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर कहा कि वह सरकार से हाथ जोड़कर विनती करता है कि ‘अग्निपथ’ योजना को वापस ले लिया जाए क्योंकि इस निर्णय से सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के सपने चकनाचूर हो रहे हैं। युवक ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अपील करते हैं कि इस योजना को वापस ले लें।

पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) के जनसंपर्क अधिकारी पंकज सिंह ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि प्रदर्शन की वजह से 12 रेलगाड़ियों का संचालन रद्द कर दिया गया। इनमें वाराणसी-छपरा, छपरा-औरिहार, बलिया-वाराणसी, आजमगढ़-वाराणसी, छपरा-वाराणसी और वाराणसी-पटना एक्सप्रेस भी शामिल हैं।

फिरोजाबाद से मिली खबर के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बसों में तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक लगाकर बसों को रोका और उनमें तोड़फोड़ की।

पुलिस के मुताबिक तोड़फोड़ करने वाले लोग आसपास के ही गांव के बताए गए हैं जिन्हें चिह्नित करने की कार्रवाई की जा रही है।

गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में सैन्य भर्ती की अग्निपथ योजना के खिलाफ सैकड़ों प्रदर्शनकारी युवाओं ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर रास्ता जाम कर दिया। इस वजह से नोएडा से आगरा तथा आगरा से नोएडा की तरफ आने वाले वाहन काफी देर तक जाम में फंसे रहे।

पुलिस उपायुक्त (जोन तृतीय) मीनाक्षी कात्यान ने बताया कि प्रदर्शन के चलते काफी देर तक यातायात बाधित रहा। जाम में फंसे लोगों ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने वाहन चालकों के साथ बदसलूकी की है तथा वाहनों में तोड़फोड़ की है।
इस मामले में 70 नामजद तथा 100 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

अमेठी से मिली खबर के अनुसार केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर शुक्रवार को यहां युवाओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान विकासखंड भादर मुख्यालय पर दुर्गापुर-अमेठी मार्ग को जाम कर दिया जिसे खाली कराने के लिए पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

वाराणसी से मिली खबर के अनुसार युवाओं ने प्रदर्शन करने के साथ ही कई जगहों पर तोड़फोड़ की। कैंट स्टेशन पर सैकड़ों युवाओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और स्टेशन के सामने कई रोडवेज की बसों और ठेलों को क्षतिग्रस्त कर दिया।

पुलिस बल के खदेड़ने पर उपद्रवी युवाओं की टोली महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की तरफ भागी और फिर पथराव करने लगी। युवाओं ने लहरतारा स्थित डीआरएम कार्यालय के सामने भी बसों में तोड़फोड़ की।

उन्नाव और देवरिया में भी 'अग्निपथ' योजना के विरोध में युवकों ने धरना दिया।

आगरा से मिली खबर के मुताबिक सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने मलपुरा क्षेत्र के गांव बाद में आगरा-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर बल के साथ पहुंचे मलपुरा के थाना प्रभारी तेजवीर सिंह की गाड़ी में प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की और पुलिस पर पथराव किया।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में आमूल-चूल परिवर्तन करते हुए तीनों सेनाओं में सैनिकों की भर्ती संबंधी ‘अग्निपथ’ योजना की मंगलवार को घोषणा की थी। इसके तहत सैनिकों की भर्ती चार साल की लघु अवधि के लिए संविदा आधार पर की जाएगी।

योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल करीब 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे। चयन के लिए पात्रता आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी और इन्हें ‘अग्निवीर’ नाम दिया जाएगा।




यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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