Edited By Ramkesh,Updated: 13 Feb, 2026 07:05 PM

विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि सार्थक और सकारात्मक चर्चा ही लोकतंत्र की असली ताकत होती है। उन्होंने सदन के सभी सदस्यों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि सार्थक और सकारात्मक चर्चा ही लोकतंत्र की असली ताकत होती है। उन्होंने सदन के सभी सदस्यों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सदन में आई थीं और यह बात सभी को मालूम थी। इसके बावजूद विपक्ष का रवैया निंदनीय रहा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल एक मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं और उनके प्रति असम्मानजनक व्यवहार पूरे सदन के लिए उचित नहीं था।
योगी ने विपक्ष के आचरण पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह के व्यवहार से उत्तर प्रदेश की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष के कुछ नेताओं के बीच आपसी मतभेद भी सार्वजनिक रूप से नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में सदन की कार्यवाही बहुत कम ही बाधित हुई है और यह सकारात्मक राजनीति का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में अब संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पहली बार आर्थिक सर्वेक्षण रिपोटर् पेश कर पारदर्शिता की दिशा में कदम बढ़ाया है, जो प्रदेश की विकास यात्रा का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश को‘बीमारू राज्य'कहा जाता था और यहां के युवाओं को संदेह की नजर से देखा जाता था, लेकिन अब प्रदेश ने अपनी अलग पहचान बनाई है। 'सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य अपनी पहचान के लिए मोहताज नहीं रह सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में छह करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। राशन और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं पूर्ववत मिल रही हैं और सरकार सुविधाओं में कटौती नहीं बल्कि विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि यह नौ वर्षों की यात्रा‘कर्फ्यू से कानून तक‘,‘समस्या से समाधान तक'और‘अव्यवस्था से सुशासन तक'की यात्रा है। उत्तर प्रदेश पहले से ही त्रिवेणी के लिए विख्यात रहा है और अब विकास की नई त्रिवेणी के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और विकास की दिशा में निरंतर अग्रसर है।