Edited By Pooja Gill,Updated: 06 Apr, 2026 11:44 AM

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की अपराध शाखा ने करोड़ों रुपये के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए एक संगठित गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया...
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की अपराध शाखा ने करोड़ों रुपये के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए एक संगठित गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, थाना ब्रह्मपुरी में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी फर्मों के माध्यम से फर्जी बिल बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल किया और सरकार को लगभग 17 करोड़ रुपये की राजस्व हानि पहुंचाई।
फर्जी कंपनियों का खेल बेनकाब
जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य फर्जी आधार और पैन कार्ड का उपयोग कर कंपनियां बनाते थे और गलत जीएसटी रिटर्न दाखिल कर टैक्स चोरी करते थे। इसके अलावा, उन्होंने ई-वे बिल में हेराफेरी, गलत एचएसएन कोड का इस्तेमाल और सर्कुलर ट्रेडिंग के जरिए भी कर चोरी को अंजाम दिया।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर वसीम अकरम उर्फ मोनू (38), निवासी मुरादनगर, गाजियाबाद को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी फर्मों के जरिए जीएसटी धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।