गन्ना किसानों के हित में सरकार को देंगे पूरा सहयोग: कुणाल सिंह यादव

Edited By Imran,Updated: 27 Mar, 2022 05:29 PM

full cooperation to the government in the interest of sugarcane farmers

मुकेरियां और धुरी चीनी मिलों के प्रबंध निदेशक कुणाल सिंह यादव ने कहा है कि वह गन्ना किसानों की तरक्की और खुशहाली के लिए प्रदेश की मौजूदा सरकार को हर मुमकिन सहयोग देंगे। किसानों के बकाया भुगतान की प्रक्रिया लगातार चल रही है और आने वाले दिनों में...

यूपी डेस्क: मुकेरियां और धुरी चीनी मिलों के प्रबंध निदेशक कुणाल सिंह यादव ने कहा है कि वह गन्ना किसानों की तरक्की और खुशहाली के लिए प्रदेश की मौजूदा सरकार को हर मुमकिन सहयोग देंगे। किसानों के बकाया भुगतान की प्रक्रिया लगातार चल रही है और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी लाते हुए जल्द से जल्द गन्ना किसानों का शत-प्रतिशत बकाया भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि, “धुरी और मुकेरियां कि चीनी मिल का मैनेजमेंट किसानों की खुशहाली और तरक्की के लिए पूरी तरह से समर्पित है और इसके लिए सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए पूरी तरह से तत्पर है। गन्ना किसानों की उपज का वाज़िब मूल्य देकर और समय पर उसका भुगतान करके हम यह साबित करेंगे कि अंततः हमारी सोच किसानों की भलाई करना है और हम उन्हें तरक्की की राह पर आगे लाकर खुशहाल बनाना चाहते हैं।”

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते कादिया से कांग्रेस पार्टी के विधायक और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को चिट्ठी लिखकर प्रदेश के गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर अधिकारियों को निर्देश देने का आग्रह किया था। अपनी चिट्ठी में उन्होंने धुरी की भगवानपुरा चीनी मिल का भी जिक्र किया था जिसके बाद भगवानपुरा चीनी मिल के प्रबंधन का यह बयान सामने आया है।

कुणाल सिंह यादव धुरी चीनी मिल और मुकेरियां चीनी मिल के प्रबंध निदेशक हैं। अपने बयान में उन्होंने कहा कि “गन्ना किसान और चीनी मिलें  गन्ना उद्योग के दो सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं  और किसी भी चीनी मिल को स्थापित करने के पीछे सबसे पहला उद्देश्य किसानों की खुशहाली और तरक्की ही होता है। दुर्भाग्य से पिछली सरकारों ने गन्ना मिलों की ना सिर्फ अनदेखी की गई बल्कि मिल चलाने के लिए आवश्यक बुनियादी जरूरतों पर भी ध्यान नहीं दिया। सरकार प्रदेश सरकार की तरफ से गन्ना उद्योग को नीतिगत स्तर पर जो जरूरी सहयोग मिलना चाहिए था वह उन्हें नहीं मिला। परिणाम स्वरूप प्रदेश में एक ऐसा माहौल बना, जिसने उद्योगों को लगभग खत्म करने का काम किया। पिछली सरकारों की इसी अनदेखी का नतीजा है कि मैनेजमेंट और कुछ किसानों के बीच कहीं ना कहीं एक हल्की सी को अविश्वास की भावना पैदा हुई है।

लेकिन प्रदेश की मौजूदा सरकार जो कि लोगों की भलाई विशेषकर किसानों की तरक्की और खुशहाली के लिए सत्ता में आई है, ने पिछली सरकार में की गई उद्योग धंधों की इस अनदेखी को खत्म करने की दिशा में स्वागत योग्य कदम बढ़ाया है। वर्तमान सरकार ने हमें विश्वास दिलाया है कि चीनी मिलो के सुचारू रूप से संचालन में अड़चन बन रही किसी भी असामाजिक एवं गैर कानूनी गतिविधि से सख्ती से निपटा जाएगा।

धुरी और मुकेरियां चीनी मिल के मैनेजमेंट का यह बयान गन्ना किसानों के बक़ाया भुगतान को लेकर की जा रही राजनीति के लिहाज से काफी अहम है। यह दर्शाता है कि किस तरह से कुछ नेता और राजनैतिक दल सत्ता में रहते हुए गन्ना किसानों के भुगतान को लेकर चुप्पी साधे रहते हैं लेकिन विपक्ष में आते ही उन्हें गन्ना किसानों की चिंता सताने लगती है। गन्ना किसानों का बक़ाया भुगतान जितना अहम और ज़रूरी है, गन्ना किसानों के कंधे पर बन्दूक रखकर की जाने वाली राजनीति उतनी ही ग़ैर-ज़रूरी।


 

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