'तुम हिंदू, AMU में नहीं पढ़ा सकती', महिला प्रोफेसर का डीन पर गंभीर आरोप, बोलीं- 27 सालों से उत्पीड़न झेल रही, गर्भपात हुआ....

Edited By Purnima Singh,Updated: 08 Jan, 2026 04:03 PM

female professor makes serious allegations against amu dean

यूपी की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से एक नया विवाद सामने आया है। यूनिवर्सिटी के पॉलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट की सीनियर प्रोफेसर रचना कौशल ने आरोप लगाया कि वे 27 सालों से सिर्फ हिंदू होने की वजह से उत्पीड़न झेल रही हैं। इस दौरान उनका मिसकेरेज भी...

अलीगढ़ : यूपी की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से एक नया विवाद सामने आया है। यूनिवर्सिटी के पॉलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट की सीनियर प्रोफेसर रचना कौशल ने आरोप लगाया कि वे 27 सालों से सिर्फ हिंदू होने की वजह से उत्पीड़न झेल रही हैं। इस दौरान उनका मिसकेरेज भी (गर्भपात) हो गया। 

कानूनी कार्रवाई का रास्ता
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, 'डीन प्रो. मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी कहते हैं कि हिंदू टीचर जानबूझकर मुस्लिम बच्चों को नहीं पढ़ाते हैं। तुम हिंदू हो, बीएचयू में चली जाओ।' उन्होंने कहा कि उनके पास सिर्फ कानूनी कार्रवाई का ही विकल्प बचा है। वह जल्द ही सार्वजनिक रूप से पूरे मामले का खुलासा कर मुकदमा दर्ज कराएंगी। 

प्रोफेसर ने वीसी को सौंपी ऑडियो रिकॉर्डिंग 
फिलहाल, प्रोफेसर ने कुलपति को शिकायत सौंपी है। इसमें उन्होंने ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज भी दिए हैं। अब मामले की जांच शुरू हो गई है। वीसी प्रो. नईमा खातून को सौंपी गई ऑडियो रिकॉर्डिंग में डीन ने हिंदू शिक्षकों के प्रति सवाल उठाए और आरोप लगाए कि वे मुस्लिम छात्रों को जानबूझकर पढ़ाई में पीछे रखते हैं। 

1998 से शुरू हुआ उत्पीड़न
प्रोफेसर रचना कौशल ने विभागाध्यक्ष और डीन, प्रो. मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें 1998 से लगातार मानसिक उत्पीड़न और भेदभाव झेलना पड़ा, जिसमें उनका धर्म उनके खिलाफ इस्तेमाल किया गया। उनकी नियुक्ति 1998 में लेक्चरर के पद पर हुई थी। कुछ ही समय बाद विभाग में उनके साथ भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न शुरू हो गया। उन्होंने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक केंद्रीय विश्वविद्यालय में मेरी धार्मिक पहचान मेरे खिलाफ इस्तेमाल होगी।” प्रोफेसर का कहना है कि डीन ने उनसे कहा, “तुम हिंदू हो, बीएचयू चली जाओ। वहां मुस्लिम बच्चों का एडमिशन तक नहीं होता।” 

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गर्भावस्था और निजी दुख
प्रोफेसर कौशल की शादी डॉ. डीके पांडेय से हुई थी, जो AMU के जेएन मेडिकल कॉलेज में सीनियर प्रोफेसर थे। 2004 में जब वह जुड़वां बच्चों की उम्मीद कर रही थीं, तब भी उन पर लगातार काम के लिए दबाव डाला जाता रहा। लगातार तनाव और मानसिक उत्पीड़न के कारण उनका मिसकेरेज हो गया। बाद में 2012 में उनके पति का निधन भी हो गया। 

डीन का बयान
AMU के डीन, प्रो. मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी ने आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि प्रो. रचना कौशल की शिकायतों में कुछ नाराजगी है और उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।


 

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