Edited By Purnima Singh,Updated: 16 Feb, 2026 04:42 PM

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में फरियादियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुनकर निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से यह भी अनुरोध किया कि वे लखनऊ आने से पहले अपनी समस्याओं को लेकर जिला और...
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में फरियादियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुनकर निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से यह भी अनुरोध किया कि वे लखनऊ आने से पहले अपनी समस्याओं को लेकर जिला और मंडल स्तर के अधिकारियों से मिलें और अगर वहां उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाता है तो लखनऊ जरूर आएं। राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन कार्यक्रम में आए सभी फरियादियों से एक-एक कर खुद मुलाकात की।
'हर व्यक्ति की समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता'
उन्होंने उनकी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को निस्तारण के आदेश दिये। हालांकि मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अनुरोध किया कि लखनऊ आने से पहले वे अपनी समस्याओं को लेकर जिला और मंडल स्तर पर तैनात अधिकारियों से जरूर मुलाकात करें। ''वहां भी हर अधिकारी आमजन की समस्याओं के उचित निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। '' उन्होंने कहा कि अगर किन्हीं कारणों से जनपद या मंडल स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा हो, तो अवश्य लखनऊ आएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर परेशान व्यक्ति की समस्या का निदान सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारी हर हाल में जनपद स्तर पर ही पीड़ितों की समस्याओं का निस्तारण करें।
सरकार ने लागू किया 'सिंगल विंडो सिस्टम' - योगी आदित्यनाथ
बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कुछ उद्यमियों ने अपनी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने हर एक प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों, विशेषकर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) एवं जिला प्रशासन को तत्काल और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में निवेश का बेहतरीन तंत्र तैयार किया गया है और सरकार ने 'सिंगल विंडो सिस्टम' सहित कई पारदर्शी व्यवस्थाएं लागू की हैं। अगर किसी उद्यमी को किसी भी स्तर पर परेशानी होती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निवेश और उद्योग विकास में किसी भी प्रकार की देर या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए- सीएम योगी
बयान के मुताबिक, 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में एक नागरिक ने बेसिक शिक्षा परिषद के सभी प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों को अनिवार्य किए जाने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने इस सुझाव को गंभीरता से लेते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में खेल और शारीरिक गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आदित्यनाथ ने जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान अवैध कब्जों और पुलिस से जुड़े मामलों में भी अधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।