Edited By Pooja Gill,Updated: 12 Jan, 2026 11:54 AM

रायबरेली: यूपी के रायबरेली से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के बजरंग दल के जिला संयोजक विनोद मौर्य ने पुलिस पर मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है...
रायबरेली: यूपी के रायबरेली से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के बजरंग दल के जिला संयोजक विनोद मौर्य ने पुलिस पर मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। विनोद मौर्य का कहना है कि सलोन पुलिस उन्हें रात करीब 12 बजे घर से जबरन घसीटकर थाने ले गई, जहां उनके साथ मारपीट की गई और गालियां दी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि थाने में रजाई ओढ़ाकर पीटा गया और पुलिसकर्मियों ने कहा कि “बहुत बड़े हिंदूवादी नेता बनते हो।”
जानिए पूरा मामला
यह पूरा मामला एक पुराने केस में गैर-जमानती वारंट (NBW) की तामील से जुड़ा बताया जा रहा है। विनोद मौर्य गोकशी के एक मामले में गवाह हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। रायबरेली जिला मुख्यालय के डिग्री कॉलेज चौराहे पर विनोद मौर्य अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और मीडिया पहुंच गया।
पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
मामला तब और गरमा गया जब रात में ही उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से बात की। अगले दिन ऊंचाहार विधायक मनोज पांडेय समेत बीजेपी के कई नेता भी धरने में शामिल हुए।प्रदर्शनकारियों ने सलोन थाना प्रभारी (कोतवाल) राघवन सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने चौकी इंचार्ज समेत तीन सिपाहियों को थाने से हटा दिया है। हालांकि, हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि यह कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। संगठन के नेता विवेक चौधरी ने साफ कहा है कि जब तक सलोन कोतवाल राघवन सिंह को लाइन हाजिर या निलंबित नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।