Edited By Ramkesh,Updated: 04 Apr, 2026 06:23 PM

उत्तर प्रदेश के रामपुर से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां बेहतर रोजगार की तलाश में रूस गए 22 वर्षीय युवक शावेज़ की युद्ध क्षेत्र में मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि उसे धोखे से रूस की सेना में शामिल कर दिया गया और जबरन युद्ध में भेजा गया।
रामपुर( रवि शंकर): उत्तर प्रदेश के रामपुर से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां बेहतर रोजगार की तलाश में रूस गए 22 वर्षीय युवक शावेज़ की युद्ध क्षेत्र में मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि उसे धोखे से रूस की सेना में शामिल कर दिया गया और जबरन युद्ध में भेजा गया।
रूस में दो महीने बाद अचानक बदले हालात
करीब 9 महीने पहले शावेज़ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के इरादे से रूस गया था। वह पेशे से वेल्डिंग और लोहे के काम का कारीगर था और वहां स्टील फर्नीचर का काम कर रहा था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन रूस पहुंचने के लगभग दो महीने बाद हालात अचानक बदल गए।
जबरन रूस आर्मी में शामिल किया गया युवक
परिजनों के मुताबिक, शावेज़ ने फोन पर बताया था कि उसे मजबूरी में आर्मी में शामिल किया जा रहा है और वह वापस भारत आना चाहता है। इसके बाद परिवार से उसकी बातचीत लगभग बंद हो गई। आखिरी बार 5 सितंबर को उसकी एक वॉइस मैसेज के जरिए बात हुई थी, जिसमें उसने अपनी परेशानी जताई थी।
युद्ध में गोली लगने से युवक की हुई मौत
परिवार को उसकी मौत की सूचना करीब 7 महीने बाद मिली। बताया गया कि 12 सितंबर को युद्ध के दौरान गोली लगने से उसकी मौत हो गई थी, लेकिन इसकी जानकारी अप्रैल में दी गई। यह सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। शावेज़ का पार्थिव शरीर दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया, जहां से उसे रामपुर लाया गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
झूठे वादों के जरिए फंसाया- मृतक के भाई का आरोप
मृतक के भाई साहबजादे का कहना है कि उनके भाई को झूठे वादों के जरिए फंसाया गया। उन्हें बताया गया कि अच्छी सैलरी मिलेगी, लेकिन जो कागजात साइन कराए गए, वे रूसी भाषा में थे, जिन्हें शावेज़ समझ नहीं पाया। परिवार का आरोप है कि जो वादा किया गया, वह पूरा नहीं हुआ और उसे जबरन युद्ध में भेज दिया गया।
पैसे नहीं, सिर्फ अपना बेटा चाहिए
वहीं, शावेज़ की मां भूरी ने भावुक होकर कहा कि उन्हें पैसे नहीं, सिर्फ अपना बेटा चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके बेटे को भारी सैलरी का लालच दिया गया था, लेकिन न तो पैसे मिले और न ही सुरक्षित वापसी हो पाई। परिवार ने भारत सरकार से मांग की है कि इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और जो अन्य भारतीय नागरिक वहां फंसे हैं, उन्हें सुरक्षित वापस लाया जाए।