Edited By Pooja Gill,Updated: 05 Jan, 2026 01:14 PM

वाराणसी: बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में मकर संक्रांति के अवसर पर चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। संगम नगरी प्रयागराज में 3 जनवरी से 17 फरवरी...
वाराणसी: बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में मकर संक्रांति के अवसर पर चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। संगम नगरी प्रयागराज में 3 जनवरी से 17 फरवरी तक चलने वाले माघ मेले का शुभारंभ हो चुका है। ऐसे में प्रयागराज से काशी में पलट प्रवाह को लेकर वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस द्वारा डायवर्जन प्लान जारी कर दिया गया है।
महाकुंभ जैसी व्यवस्था रहेगी लागू
सोमवार को अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात) अंशुमान मिश्रा ने बताया कि प्रमुख स्नान तिथियों पर महाकुंभ जैसी व्यवस्था लागू रहेगी। बड़े वाहनों को शहर के बाहर ही रोक दिया जाएगा।18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु काशी पहुंचेंगे। शहर के बाहर और अंदर कई स्थानों पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
भीड़ को देखते हुए होल्डिंग एरिया भी बनाया गया
सोनारपुरा से गोदौलिया की ओर कोई भी वाहन नहीं जाने दिया जाएगा। भीड़ बढ़ने पर अग्रवाल तिराहे से अस्सी की ओर वाहनों को जाने से रोका जाएगा। दशाश्वमेध, अस्सी, नमो घाट तथा रविदास घाट पर विशेष सतकर्ता बरती जा रही है। इन घाटों पर आम दिनों से ज्यादा भीड़ देखी जा रही है। ऑटो और ई-रिक्शा तय रूट पर ही चलेंगे। जरूरत पड़ने पर इन्हें भी डायवर्ट किया जाएगा। माघ मेले की भीड़ को देखते हुए होल्डिंग एरिया भी बनाया गया है। मिर्जामुराद, रोहनिया, राजातालाब, रामनगर और लंका क्षेत्र में स्कूलों में जरूरत पड़ने पर बड़े वाहनों को खड़ा किया जाएगा।