Edited By Ramkesh,Updated: 13 Jan, 2026 05:35 PM

आम तौर पर आपदा के समय जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाने के लिए पहचाने जाने वाले राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की लखनऊ स्थित पहली बटालियन इन दिनों एक असामान्य वजह से चर्चा में है। यहां पहरा ड्यूटी के दौरान अमरूद खाने पर एक सिपाही को...
लखनऊ: आम तौर पर आपदा के समय जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाने के लिए पहचाने जाने वाले राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की लखनऊ स्थित पहली बटालियन इन दिनों एक असामान्य वजह से चर्चा में है। यहां पहरा ड्यूटी के दौरान अमरूद खाने पर एक सिपाही को अनुशासनहीनता का नोटिस थमा दिया गया। हालांकि, सिपाही के जवाब के बाद मामले को चेतावनी देकर समाप्त कर दिया गया है।
यह मामला जनवरी के पहले सप्ताह का बताया जा रहा है। लखनऊ स्थित एसडीआरएफ कार्यालय परिसर में बने कमांडेंट आवास पर एक सिपाही की पहरा ड्यूटी लगी थी। परिसर में अमरूद का एक पेड़ भी मौजूद है। ड्यूटी के दौरान सिपाही ने पेड़ से अमरूद तोड़कर खा लिया। किसी अधिकारी की नजर पड़ते ही इसे अनुशासन का उल्लंघन मानते हुए उच्चाधिकारियों तक सूचना पहुंचाई गई।
इसके बाद पहली बटालियन में तैनात सूबेदार सैन्य नायक की ओर से सिपाही को लिखित स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया। नोटिस में पूछा गया कि ड्यूटी के दौरान फल तोड़कर खाने का कारण क्या था और इसे अनुशासन के विपरीत क्यों न माना जाए।
नोटिस मिलने पर सिपाही ने अपने जवाब में बताया कि ड्यूटी के दौरान उसे तेज पेट दर्द हो रहा था। छुट्टियां बंद होने के कारण वह अवकाश नहीं ले सका और ड्यूटी छोड़कर जाना भी संभव नहीं था। दर्द से राहत पाने के लिए उसने मोबाइल पर यूट्यूब देखा, जहां अमरूद को पेट दर्द में लाभकारी बताया गया था। इसी जानकारी के आधार पर उसने घरेलू उपाय के रूप में अमरूद खाया।
सिपाही ने अपने स्पष्टीकरण में स्पष्ट किया कि उसका किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। उसने अपने व्यवहार के लिए माफी भी मांगी। जांच के बाद विभाग ने सिपाही के जवाब को ध्यान में रखते हुए उसे केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया। फिलहाल यह मामला महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है।