UP के इन कर्मचारियों के लिए 10 लाख रुपए का तोहफा! SC ने बढ़ाई सैलरी और 9 साल की बकाया राशि भी देने का आदेश

Edited By Anil Kapoor,Updated: 05 Feb, 2026 01:57 PM

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UP Desk: उत्तर प्रदेश में संविदा शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत के इस आदेश के बाद संविदा शिक्षकों की सैलरी न केवल बढ़ेगी, बल्कि उन्हें पिछले 9 साल यानी 2017 से अब तक की बकाया सैलरी भी......

UP Desk: उत्तर प्रदेश में संविदा शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत के इस आदेश के बाद संविदा शिक्षकों की सैलरी न केवल बढ़ेगी, बल्कि उन्हें पिछले 9 साल यानी 2017 से अब तक की बकाया सैलरी भी मिलेगी।

सैलरी बढ़ी – अब 17 हजार प्रति माह
सुप्रीम कोर्ट ने 7,000 रुपए मासिक सैलरी पर लंबे समय तक काम कराने को अनुचित और बंधुआ मजदूरी जैसा बताया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविदा शिक्षकों का वेतन अब 17,000 रुपए मासिक होगा। इसके साथ ही राज्य सरकार को 2017 से अब तक का वेतन अंतर 6 महीने के अंदर भुगतान करना होगा। यदि कोई शिक्षक 2017 से संविदा शिक्षक के रूप में काम कर रहा है, तो उसे लगभग 100 महीनों के लिए 10 लाख रुपए तक का अतिरिक्त भुगतान मिल सकता है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश
संविदा शिक्षकों को 1 अप्रैल 2026 से 17,000 रुपए प्रति माह सैलरी मिलेगी। 2017-18 से अब तक की बकाया राशि छह महीनों के अंदर चुकाई जाए। जो शिक्षक लगातार 10 साल से काम कर रहे हैं, उन्हें व्यवहार में स्थायी माना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जस्टिस पंकज मित्थल और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने कहा कि 7,000 रुपए वेतन पर एक दशक से अधिक समय तक काम कराना अनुचित था। यह संविधान के अनुच्छेद 23 के तहत पूरी तरह से प्रतिबंधित है। 11 महीने के अनुबंध के नाम पर साल दर साल काम लेना और वेतन न बढ़ाना गलत है।

शिक्षकों के लिए राहत
इस फैसले के बाद संविदा शिक्षक लंबे समय से चल रही असमानता से राहत पाएंगे। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वे तुरंत इस आदेश का पालन करें और बकाया सैलरी का भुगतान शुरू करें।

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