यूपीः प्रयागराज में कंगाल कांग्रेस नहीं दे पा रही ऑफिस-बिजली का किराया, कार्यकर्ताओं से चंदा देने की गुहार

Edited By Ajay kumar,Updated: 04 Jul, 2022 09:28 PM

up congress is unable to pay office electricity rent

कई दशकों से यूपी की सत्ता से बाहर कांग्रेस बदहाली की कगार पर पहुंच गई है। आलम ये है कि संगम नगरी प्रयागराज में शहर कांग्रेस कमेटी का ऐतिहासिक ऑफिस बंद होने की नौबत आ गई है।

प्रयागराजः कई दशकों से यूपी की सत्ता से बाहर कांग्रेस बदहाली की कगार पर पहुंच गई है। आलम ये है कि संगम नगरी प्रयागराज में शहर कांग्रेस कमेटी का ऐतिहासिक ऑफिस बंद होने की नौबत आ गई है। बता दें कि सन् 1991 से ऑफिस का किराया और बिजली बिल नहीं जमा किया गया है। जब शहर कांग्रेस कमेटी की स्थापना हुई थी तब संगम नगरी में प्रति महीना 400 रुपए के किराए पर  ऑफिस लिया गया था और तत्कालीन शहर कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष श्रीमती कमला नेहरू बनी थी। इसके बाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू सहित कई हस्तियां इस ऑफिस में अध्यक्ष के पद पर बैठ चुकी हैं लेकिन शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बदलते रहे लेकिन मकान मालिक को किराया नहीं मिला और ना ही मकान का किराया बढ़ा। अंततः परेशान होकर मकान मालिक ने कोर्ट की शरण लिया।

जिला न्यायालय ने 2015 में बढ़ाया किराया
जिला न्यायालय ने 2015 में किराया बढ़ाकर 5400 रुपए की और किराया भुगतान करने का आदेश पारित किया तो एक बार 50 हजार का भुगतान मकान मालिक को किया गया। मौजूदा समय में 3 लाख 15 हजार ऑफिस का किराया बाकी है। जिला न्यायालय का आदेश है की 15 जुलाई तक शहर कांग्रेस कमेटी ऑफिस के किराए का भुगतान नहीं किया गया तो आफिस खाली करना होगा।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं से चंदा लेकर किया जाएगा किराए का भुगतान
अब कांग्रेस से जुड़े लोग इस ऐतिहासिक ऑफिस को बचाने के लिए पहल शुरू की तो ऑफिस किराए की राशि भुगतान के लिए 2 लाख कांग्रेस पार्टी और 50 हजार प्रमोद तिवारी ने दिए। शेष बचे रकम को कांग्रेस कार्यकर्ताओं से चंदा लेकर पूरा किया जा रहा है। इसके लिए बकायदा ऑफिस में मीटिंग बुलाई गई और इच्छा अनुसार सभी लोगों से चंदा देने की गुहार लगाई गई। अब देखना यह है कि क्या चंदे के पैसे से कांग्रेस के लोग इस ऐतिहासिक ऑफिस को बचा पाते हैं या फिर नहीं।

6 लाख 12 हजार  बकाया है बिजली का किराया, ऑफिस की कटी बिजली
इतना ही नहीं शहर कांग्रेस कमेटी ऑफिस की बिजली भी काट दी गई है क्योंकि बिजली बिल भुगतान का 6 लाख 12 हजार  बकाया है। किराए और बिजली बिल का भुगतान नहीं हुआ तो छीन सकता है कांग्रेस का ऐतिहासिक ऑफिस क्योंकि कुल मिलाकर 9 लाख से भी अधिक का बिजली बिल और मकान का किराया बकाया है। इस पूरे मामले पर मौजूदा अध्यक्ष जावेद उर्फी से पूछा गया तो वह मामले को टालमटोल करते नजर आए।

 

 

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