Edited By Ramkesh,Updated: 05 Mar, 2026 04:19 PM

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अभी से रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में संघ, संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अभी से रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में संघ, संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बैठकों का दौर जारी है।
भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की ओर से क्षेत्रवार समन्वय बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें संगठन के पदाधिकारी, सरकार के मंत्री और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं। इन बैठकों का उद्देश्य सरकार की योजनाओं की समीक्षा करना, संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत बनाना और आगामी चुनाव की रणनीति तैयार करना बताया जा रहा है। इसी कड़ी में पश्चिम क्षेत्र की समन्वय बैठक आज गाजियाबाद में आयोजित की जा रही है। इसके बाद कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की बैठक शुक्रवार को कानपुर में होगी। वहीं ब्रज क्षेत्र की समन्वय बैठक 7 मार्च को आगरा में प्रस्तावित है।
इससे पहले 28 फरवरी को अवध क्षेत्र की बैठक लखनऊ में आयोजित की जा चुकी है। इसके अलावा 1 मार्च को वाराणसी में काशी क्षेत्र और 2 मार्च को गोरखपुर में गोरक्ष क्षेत्र की बैठक संपन्न हो चुकी है। इन बैठकों में संगठन की मजबूती, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता और सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि इन बैठकों के साथ ही भाजपा प्रदेश संगठन और राज्य मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर भी मंथन चल रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से इस पर आधिकारिक रूप से कोई बयान नहीं आया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने 2027 के चुनाव को लेकर अभी से जमीनी स्तर पर रणनीति बनानी शुरू कर दी है, जिससे संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाकर चुनावी तैयारी को मजबूत किया जा सके।