Edited By Anil Kapoor,Updated: 20 Mar, 2026 08:47 AM

Noida News: उत्तर प्रदेश की नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरराष्ट्रीय ठग को दबोचा है, जो खुद को विदेशी बिजनेसमैन बताकर महिलाओं को अपनी बातों के जाल में फंसाता था। नाइजीरियाई मूल का यह आरोपी मैट्रिमोनियल साइट्स और...
Noida News: उत्तर प्रदेश की नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरराष्ट्रीय ठग को दबोचा है, जो खुद को विदेशी बिजनेसमैन बताकर महिलाओं को अपनी बातों के जाल में फंसाता था। नाइजीरियाई मूल का यह आरोपी मैट्रिमोनियल साइट्स और सोशल मीडिया के जरिए अब तक दर्जनों महिलाओं से करोड़ों रुपए डकार चुका है।
ठगी का प्रोफेशनल तरीका
डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल के मुताबिक, आरोपी सैमुअल औगुन उर्फ स्टेफनी डेरिक बेहद शातिराना तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। वह मैट्रिमोनियल साइट्स पर खुद को अमीर विदेशी बिजनेसमैन बताकर हाई-प्रोफाइल महिलाओं से संपर्क करता था। दोस्ती के बाद वह शादी का झांसा देता और भारत आकर बसने का नाटक करता था। भरोसा जीतने के बाद वह कहता कि उसने विदेश से करोड़ों के गिफ्ट या पार्सल भेजे हैं, जो दिल्ली एयरपोर्ट या कस्टम में फंस गए हैं। उन्हें छुड़ाने के नाम पर वह अलग-अलग टैक्स और फीस बताकर महिलाओं से लाखों-करोड़ों रुपए ऐंठ लेता था।
खुलासे की बड़ी बातें
शुरुआती जांच में ही 1.82 करोड़ रुपए की ठगी का खुलासा हुआ है। एक महिला से 56.46 लाख और दूसरी से 1.26 करोड़ रुपए लूटे गए। आरोपी अब तक कम से कम 15 महिलाओं को अपना शिकार बना चुका है। पुलिस को शक है कि पीड़ितों की संख्या और ठगी की रकम बहुत ज्यादा हो सकती है। यह ठग सिर्फ शादी के नाम पर ही नहीं, बल्कि कम ब्याज पर फर्जी लोन दिलाने के नाम पर भी लोगों को चूना लगाता था। पुलिस ने आरोपी के पास से लैपटॉप, टैबलेट और कई फर्जी पासपोर्ट बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल वह पहचान बदलकर अलग-अलग देशों में ठगी के लिए करता था।
फरीदाबाद से हुई गिरफ्तारी
नोएडा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जाल बिछाकर आरोपी को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। उसके डिजिटल डिवाइस खंगालने पर संगठित साइबर अपराध के कई बड़े सुराग मिले हैं।
पुलिस की अपील- रहें सावधान!
साइबर पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि मैट्रिमोनियल साइट्स या सोशल मीडिया पर अनजान लोगों, खासकर खुद को विदेशी बताने वालों पर तुरंत भरोसा ना करें। किसी भी व्यक्ति को पार्सल या गिफ्ट छुड़ाने के नाम पर पैसा न भेजें। संदिग्ध लगने पर तुरंत नजदीकी साइबर सेल या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।