60 हजार एडवांस देकर कराया पति का क/त्ल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही प्रेमी संग बेनकाब हुई बेवफा पत्नी

Edited By Anil Kapoor,Updated: 09 Sep, 2026 08:18 AM

up news fed up with husband s alcoholism wife hatches a horrific plot

सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरुआ थाना क्षेत्र में हुई ई-रिक्शा चालक हरिश्चंद्र अग्रहरि की नृशंस हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। बुढ़ी राप्ती नदी के पास मिले शव के मामले में जो सच सामने आया है, उसने सभी को हैरान....

Siddharthnagar News: सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरुआ थाना क्षेत्र में हुई ई-रिक्शा चालक हरिश्चंद्र अग्रहरि की नृशंस हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। बुढ़ी राप्ती नदी के पास मिले शव के मामले में जो सच सामने आया है, उसने सभी को हैरान कर दिया है। हरिश्चंद्र की हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर सुपारी किलर्स से करवाई थी। पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से इटवा थाना क्षेत्र का रहने वाला हरिश्चंद्र अग्रहरि ई-रिक्शा चलाता था और अत्यधिक शराब पीने का आदी था। वह अक्सर नशे में अपनी पत्नी माया देवी के साथ मारपीट और प्रताड़ित करता था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर माया देवी ने अपने प्रेमी नियाज अहमद के साथ मिलकर हरिश्चंद्र को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया।

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पति को ठिकाने लगाने के लिए प्रेमी नियाज अहमद ने दो भाड़े के हत्यारों इरशाद और अब्दुल्ला से संपर्क किया। हरिश्चंद्र की हत्या के लिए 1,10,000 रुपए की सुपारी तय की गई, जिसमें से 60,000 रुपए आरोपियों को एडवांस के तौर पर दे दिए गए थे। योजना के अनुसार, आरोपियों ने फोन करके हरिश्चंद्र का ई-रिक्शा बुक किया। इसके बाद उसे बुढ़ी राप्ती नदी के पास एक सुनसान इलाके में ले गए, जहां चाकुओं से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई। साक्ष्य मिटाने के लिए शव को नदी में फेंक दिया गया और मामले को हादसे का रूप देने की नीयत से ई-रिक्शा को सड़क किनारे लटका दिया गया ताकि लोग इसे दुर्घटना समझें।

शुरुआत में मामला संदिग्ध लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही साफ हो गया कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या है। इसके बाद एसओजी और ढेबरुआ थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। सटीक सुराग जुटाते हुए पुलिस टीम ने चारों आरोपियों माया देवी, नियाज अहमद, इरशाद और अब्दुल्ला को धर दबोचा।

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आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। एसपी सिद्धार्थनगर अभिषेक महाजन ने इस अंधे कत्ल का त्वरित और सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 20,000 रुपए के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया है।

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